Bhubaneswar News: 3,623 करोड़ रुपये से बनेगा ओडिशा का नया विधानसभा भवन व राज्य सचिवालय
Bhubaneswar News: मुख्यमंत्री मोहन माझी ने सोमवार को 6701 करोड़ की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी.
Bhubaneswar News: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को नए लोक सेवा भवन (राज्य सचिवालय), ओडिशा विधानसभा भवन समेत कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनकी कुल लागत 6,701 करोड़ रुपये है. माझी ने यहां लोक सेवा भवन में आयोजित एक समारोह में विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखी.
परिसीमन के बाद बढ़ सकती है विधायकों की संख्या : मुख्यमंत्री
नये विधानसभा भवन और लोक सेवा भवन परियोजना का निर्माण लगभग 3,623 करोड़ रुपये की लागत से किया जायेगा और यह राज्य की राजधानी में 71.13 एकड़ भूमि पर फैला होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित विधानसभा भवन में 300 सदस्यों की बैठने की क्षमता वाला एक आधुनिक बैठक कक्ष होगा. माझी ने कहा कि आज हमारे पास 147 विधायक हैं, जो परिसीमन के बाद बढ़ सकते हैं. मुझे पक्का नहीं पता, लेकिन परिसीमन के बाद सदस्यों की संख्या 200 हो सकती है. इसलिए हमें अगले 50-100 वर्षों को ध्यान में रखते हुए एक नए विधानसभा भवन का निर्माण करना होगा.
70 वर्ष पुराना भवन आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल
नये विधानसभा और लोक सेवा भवन परिसर में भूमिगत पार्किंग की सुविधा होगी, जिससे बेहतर स्थान प्रबंधन और सुविधा सुनिश्चित होगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य को एक नए लोक सेवा भवन (सचिवालय) की आवश्यकता थी, क्योंकि वर्तमान भवन 70 वर्ष पुराना है और इसमें कार्यालय का स्थान वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहा है. उन्होंने कहा कि विभागों के विस्तार और कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि के कारण एक आधुनिक लोक सेवा भवन की आवश्यकता है, जो जून 2025 में एकीकृत नए भवनों के लिए सरकार की घोषणाओं के अनुरूप है.
952 करोड़ से जयदेव विहार से नंदनकानन तक बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
नये विधानसभा भवन और लोक सेवा भवन परियोजना के अलावा, माझी ने भुवनेश्वर में जयदेव विहार से नंदनकानन तक 952 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एक समर्पित एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी. इस परियोजना में जयदेव विहार, कलिंग अस्पताल चौक, दमाना चौक और केआईआईटी चौक जैसे प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर का निर्माण शामिल होगा. इसमें जयदेव विहार चौक पर प्रस्तावित चार लेन वाले केबल के सहारे टिके सेतु का निर्माण भी शामिल है. निर्माण मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि ‘लोक सेवा भवन और मंत्रालय भवन’ के नाम से जाना जाने वाला यह परिसर शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए अत्याधुनिक केंद्र के रूप में परिकल्पित है. उन्होंने कहा कि परियोजना के मास्टर प्लान को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कॉरिडोर के दोनों किनारों पर 22,410 पेड़ लगाए जाएंगे.
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