गांजा माफिया की मदद करने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

ओडिशा सरकार ने अवैध गांजा खेती पर लगाम लगाने के लिए छह जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं। माफिया की मदद करने वाले अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई।

भुवनेश्वर : ओडिशा सरकार ने सरकारी जमीन पर अवैध गांजा की खेती पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी और सख्त करने का फैसला किया है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ अरविंद कुमार पाढ़ी ने छह जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर राजस्व अधिकारियों को सतर्क रहने और अवैध खेती की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिये हैं. जिन छह जिलों पर विशेष फोकस किया गया है, उनमें मलकानगिरी, कोरापुट, रायगड़ा, कंधमाल, बौद्ध और गजपति शामिल हैं.

सरकारी राजस्व भूमि पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश

डॉ पाढ़ी ने तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और राजस्व पर्यवेक्षकों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. अधिकारियों से कहा गया है कि सरकारी राजस्व भूमि के उन सभी हिस्सों पर लगातार निगरानी रखें, जहां पहले अवैध गांजा की खेती का पता लगाकर उसे नष्ट किया जा चुका है. इन स्थानों का गांववार और प्लॉटवार विवरण तैयार करने के साथ जीपीएस निर्देशांक भी संकलित कर सुरक्षित रखने को कहा गया है, ताकि भविष्य में इन क्षेत्रों की व्यवस्थित निगरानी की जा सके.

गांजा की खेती के बारे में पता चलते ही थाना और टास्क फोर्स को दें सूचना

अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि सरकारी जमीन पर यदि दोबारा अवैध गांजा की खेती का पता चलता है, तो संबंधित पुलिस थाना, स्पेशल टास्क फोर्स या एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को तत्काल सूचना दी जाये. इसके साथ ही एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 47 के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बिना देरी सूचित करने को कहा गया है. जिला स्तर पर एक आंतरिक रिपोर्टिंग व्यवस्था स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया है. सरकार ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि गांजा की अवैध खेती में शामिल माफिया या अन्य तत्वों की मदद करने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

41 थाना क्षेत्रों में 36,508.792 एकड़ में गांजा की अवैध खेती को किया गया था नष्ट

वर्ष 2025-26 के फसल सत्र के दौरान ओडिशा पुलिस ने छह जिलों के 41 पुलिस थाना क्षेत्रों में जीपीएस से चिह्नित 1,631 भूखंडों में 36,508.792 एकड़ में फैली अवैध गांजा खेती को नष्ट किया था. इसमें 6,632.197 एकड़ सरकारी राजस्व भूमि शामिल थी. पुलिस विभाग ने नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच अवैध गांजा खेती नष्ट किये गये स्थानों के जीपीएस निर्देशांक भी राजस्व विभाग के साथ साझा किये हैं. इन आंकड़ों के आधार पर अब संबंधित भूखंडों की व्यवस्थित और लगातार निगरानी की जायेगी. डॉ पाढ़ी ने बताया कि अवैध खेती में शामिल लोग अक्सर दूरदराज और दुर्गम इलाकों में स्थित उन्हीं सरकारी जमीनों का दोबारा इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं, जहां पहले गांजा की खेती नष्ट की जा चुकी है. ऐसे में 2026-27 के फसल सत्र की शुरुआत के साथ इन स्थानों पर दोबारा अवैध खेती होने की आशंका को देखते हुए विशेष निगरानी जरूरी है.



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By Bipin kumar yadav

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