Rourkela News: ब्राह्मणी नदी के किनारे बनेगा जलाशय और तटबंध सड़क

राउरकेला के वेदव्यास संगम क्षेत्र में जलाशय और तटबंध सड़क निर्माण के लिए सर्वेक्षण शुरू, पर्यटन और परिवहन व्यवस्था में होगा बड़ा सुधार।

Rourkela News: वेदव्यास संगम क्षेत्र के विकास को लेकर लंबे समय से चली आ रही मांग अब मूर्त रूप लेने जा रही है. पुराने छेंड और पानपोष के बीच स्थित त्रिवेणी घाट यानी हाडपका घाट पर जलाशय निर्माण के साथ-साथ नदी के दोनों किनारों पर तटबंध सड़क, पत्थर के तटबंध और सीढ़ियों के निर्माण के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है. सरकार ने इस प्रारंभिक सर्वेक्षण के लिए लगभग 51 लाख रुपये की अनुमानित लागत स्वीकृत की है.

जलापूर्ति विभाग को सौंपी गयी है सर्वेक्षण की जिम्मेदारी

यह कार्य पानपोष जल आपूर्ति विभाग के सहायक कार्यकारी अभियंता चंद्रमणि बाबू के पर्यवेक्षण में किया जा रहा है. कटक की गायत्री कंसल्टेंट्स के अनुभवी सर्वेक्षक जयंत कुमार नायक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम अगले एक महीने तक क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण करेगी. इसके बाद 8 से 10 बोरिंग भी की जायेंगी. सर्वेक्षण पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर विभागीय अधिकारी इसे अनुमोदन के लिए सरकार को भेजेंगे.

योजना लागू होने से प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा क्षेत्र

वेदव्यास विकास मंच पिछले कई वर्षों से वेदव्यास पुल के साथ-साथ इस क्षेत्र में जलाशय और तटबंध सड़क की मांग कर रहा था. मंच के अध्यक्ष बद्रीनारायण पाढ़ी, उपाध्यक्ष हृषिकेश ढोलैयार सिंह, महासचिव विभूति भूषण दास, संपादक श्रीकांत कुमार नायक, कोषाध्यक्ष मधुसूदन साहू सहित रमाकांत पांडे, केदारनाथ पाढ़ी, लक्ष्मीनारायण मिश्र, दिवाकर नंदा, अर्जुन चंद्र साहू और अन्य पदाधिकारियों ने सर्वेक्षण की मंजूरी को स्वागत योग्य कदम बताते हुए इसे जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है. मंच का कहना है कि इससे यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित हो सकेगा. यह पहली बार नहीं है, जब इस तरह की योजना बनी है.

तटबंध सड़कों से परिवहन सुगम होगास्थानीय लोगों के अनुसार पुराने छेंड और पानपोष बस्तियां वर्तमान में कलिंगा बिहार रेलवे गेट और पानपोष चौक के बीच केवल 2.5 किलोमीटर लंबी और 30 फुट चौड़ी एकमात्र सड़क पर निर्भर हैं. बढ़ती आबादी के कारण आने वाले दिनों में इस सड़क पर आवागमन मुश्किल हो जायेगा. साथ ही शंख, कोयल और ब्राह्मणी नदियों के संगम क्षेत्र में बाढ़ की समस्या भी रहती है. यदि यह परियोजना स्वीकृत हो जाती है, तो नदी के दोनों किनारों पर बनने वाली तटबंध सड़कों से परिवहन सुगम होगा और वेदव्यास क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़क भी पक्की हो जायेगी.

2013 में बनी थी तारकेरा पंप हाउस से झीरपानी तक नदी तटबंध सड़क की डिजाइन

2013 में तारकेरा पंप हाउस से झीरपानी तक नदी तटबंध सड़क का डिजाइन तैयार किया गया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इसकी आधारशिला भी रखी थी. 30 करोड़ रुपये की इस गोलाकार तटबंध परियोजना को बाद में किसी कारण से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. 2020 में राउरकेला महानगर निगम के माध्यम से एक व्यापक विकास योजना (सीडीपी) भी तैयार की गयी थी, जिसमें ब्राह्मणी नदी किनारे पानपोष में 45 मीटर और पुराने छेंड में 90 मीटर चौड़ी सड़क का प्रावधान था. सीडीपी को छह साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नहीं हुई. अब सिंचाई विभाग द्वारा नये सिरे से शुरू किये गये सर्वेक्षण से स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि वेदव्यास क्षेत्र का सौंदर्यीकरण और विकास वास्तविकता रूप लेगा.

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लेखक के बारे में

Author: Bipin kumar yadav

Published by: Janardan Pandey

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