Jharsuguda News : कोयला ट्रांसपोर्टेशन से हो रही सड़क दुर्घटनाओं और पर्यावरण प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने ओआर- रजिस्ट्रेशन नंबर वाले ट्रकों और भारी वाहनों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है. झारसुगुड़ा जिलाधीश और जिला सड़क सुरक्षा समिति के चेयरपर्सन ने निर्देश दिया है कि समिति के चेयरपर्सन की पहले से मंजूरी के बिना किसी भी ओआर रजिस्टर्ड ट्रक या भारी वाहन को कोयला ट्रांसपोर्ट करने की अनुमति नहीं दी जायेगी. यह कदम उन रिपोर्टों के बाद उठाया गया है जिनमें बताया गया था कि कोयला परिवहन के लिए मैकेनिकली खराब और सड़क पर नहीं चलने लायक वाहनों में ट्रांसपोर्ट किया जा रहा था, जिनमें से कुछ के पास संदिग्ध फिटनेस सर्टिफिकेट थे. जिससे गंभीर खतरा हो रहा था. प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि केवल मैकेनिकली ठीक और सड़क पर चलने लायक वाहनों को ही कोयला ट्रांसपोर्ट की अनुमति दी जायेगी. जिसमें कोयला फैलने और प्रदूषण को रोकने के लिए तिरपाल से लोड को ढकना अनिवार्य होगा. 16 जनवरी को जारी एक आधिकारिक पत्र में लखनपुर, इब वैली, ओरिएंट एरिया और सीडब्ल्यूएस सहित प्रमुख कोयला और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को लोडिंग पॉइंट्स पर वाहनों की कड़ी जांच लागू करने का निर्देश दिया गया है. एमसीएल पर 15 साल से पुराने ट्रकों की पूरी जांच पर विशेष जोर दिया गया है, भले ही उनके पास फिटनेस सर्टिफिकेट हों. नियमों के पालन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों, ट्रांसपोर्टरों और ठेकेदारों पर तय की गयी है. आरटीओ कर्मचारियों को जांच तेज करने के लिए एमसीएल अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है.
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