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5 क्विंटल मिट्टी, 1 क्विंटल पुआल और 50 बांस से श्रीराम के लिए ओडिशा में सबसे बड़ा दीया बना रहे ‘जय राम’

Updated at : 09 Jan 2024 4:43 AM (IST)
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5 क्विंटल मिट्टी, 1 क्विंटल पुआल और 50 बांस से श्रीराम के लिए ओडिशा में सबसे बड़ा दीया बना रहे ‘जय राम’

22 जनवरी के लिए धीरे-धीरे पूरा देश राममय हो रहा है. अलग-अलग तरीके से सभी राम लला के स्वागत में जुटे हैं. राउरकेला-बंडामुंडा मार्ग में कुम्हार बस्ती के जय राम भी इसी दिन के लिए पूरी शिद्दत से काम में जुटे हैं. वे भगवान राम के स्वागत के लिए विशालकाय दीया बनाने में दिन-रात जुटे हैं.

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राउरकेला, मुकेश सिन्हा : महज 15 दिन पहले एक कंप्यूटराइज्ड तस्वीर के साथ पांच लोगों का समूह राउरकेला-बंडामुंडा मार्ग में स्थित कुम्हार बस्ती निवासी जयराम प्रजापति के पास पहुंचा. समूह के सदस्यों ने उनसे कहा कि वे ऐसा दीया बनाना चाहते हैं जो आकार में बड़ा हो और अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के 22 जनवरी को होने जा रहे प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए राउरकेला की ओर से भगवान को एक श्रद्धांजलि हो. साढ़े पांच फीट ऊंचा और 12 फीट चौड़े इस दीये की तसवीर देखकर जयराम एकबारगी सोच में पड़ गये. लेकिन अगले ही पल तय कर लिया कि इस चुनौती को वे स्वीकार करेंगे और भगवान श्री राम के इस कार्य को पूरा करेंगे. कोलकाता निवासी अपने कारीगर सूत्रधार और जमशेदपुर के कारीगर बबाई पाल से उन्होंने चर्चा की और सहमति दे दी. काम शुरु हुआ और 50 फीसद काम पूरा कर बाकी के काम तो तेजी से पूरा करने में जुटे हैं. स्माइल फॉर एवर फाउंडेशन की ओर से इस दीये का निर्माण कराया जा रहा है.

पूरा देश हो गया है राममय

22 जनवरी के लिए धीरे-धीरे पूरा देश राममय हो रहा है. अलग-अलग तरीके से सभी राम लला के स्वागत में जुटे हैं. ओडिशा के राउरकेला-बंडामुंडा मार्ग में कुम्हार बस्ती के जय राम भी इसी दिन के लिए पूरी शिद्दत से काम में जुटे हैं. वे भगवान राम के स्वागत के लिए विशालकाय दीया बनाने में दिन-रात जुटे हैं. सबकुछ ठीक रहा तो 18 जनवरी तक यह दीया तैयार हो जायेगा. 6 से 7 हजार लीटर घी समाने वाले इस दिये को हनुमान वाटिका में 22 जनवरी को प्रज्ज्वलित करने का कार्यक्रम है. इससे पहले इस दिये को पूरे शहर में परिक्रमा कराया जायेगा.

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पचास वर्षों से हैं राउरकेला में, बना रहे हैं मूर्ति

जयराम प्रजापति (पंडित जी) पिछले 50 वर्षों से राउरकेला में रह रहे हैं. बंडामुंडा-राउरकेला मार्ग के बीच स्थित कुम्हार बस्ती में ही उनका जीवन बीता है. मूल रूप से बिहार के गया जिला के वजीरगंज थाना क्षेत्र के बसुआमेठा गांव के रहनेवाले जयराम ने बताया कि वे सन् 1992 में राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए आयोजित रैली का हिस्सा भी रह चुके हैं. उन्होंने बताया कि विशालकाय इस दीये के निर्माण में बेटा शंभु प्रजापति, बहु नीतू पंडित समेत परिवार के कुल छह सदस्य लगे हुए हैं.

पांच क्विंटल मिट्टी, एक क्विंटल पुआल व 50 बांस से बनाया जा रहा है दीप

दीया बनाने में लगे बबाई पाल ने बताया कि 500 किलो मिट्टी, 100 किलो पुआल, 50 बांस, 2 बोरा पुट्टी से विशालकाय दिया बनाया जा रहा है. दीये का 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है. पुट्टी लगाना बाकी है. दीये में करीब 6 से 7 हजार लीटर घी डाला जा सकता है. उन्होंने बताया कि दीया का काम पूरा होने के बाद इसे सुखाने में भी वक्त लगेगा. 18 जनवरी तक दीया बन जायेगा. इस दीये की लागत करीब 60 से 70 हजार रुपये आने की बात कही जा रही है.

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बन रही 12 फीट ऊंची भगवान श्री राम की मूर्ति भी

दीये के अलावा भगवान श्री राम की 12 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण भी किया जा रहा है. मूर्ति निर्माण का कार्य काफी तेजी गति से किया जा रहा है. दीये के साथ 22 जनवरी को हनुमान वाटिका में भगवान राम की भी मूर्ति लगायी जायेगी.

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