Sundargarh News: मत्स्य और पशुपालकों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील

Sundargarh News: सुंदरगढ़ जिला स्तरीय मत्स्य और पशुधन मेला के समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सम्मानित किये गये.

By BIPIN KUMAR YADAV | January 8, 2026 11:54 PM

Sundargarh News: जिला मत्स्य और पशुधन विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय मत्सय और पशुधन मेला का समापन बुधवार शाम को हो गया है. स्थानीय नारी कल्याण केंद्र मैदान में आयोजित इस समारोह में जिले के सभी ब्लॉक से बड़ी संख्या में मछली और पशुपालक किसानों ने हिस्सा लिया.

विभाग की ओर से चलायी जा रही योजनाओं की दी जानकारी

कार्यक्रम की अतिथि डिप्टी कलेक्टर तेजस्विनी बेहेरा, आइएएस ट्रेनी फवी राशिद ने मेला के समापन सत्र को संबोधित किया. कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख डॉ जयंत कुमार पति ने मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लिया. जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष कुमार पाणिग्राही ने स्वागत भाषण दिया और मत्स्य और पशुपालकों के लिए विभाग की ओर से चलायी जा रही योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की. बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्ण प्रसाद मिश्रा, जिला मुख्य कृषि अधिकारी लाल बिहारी मल्लिक, वाटरशेड परियोजना निदेशक प्रसन्न कुमार पात्र, कृषि अभियंता परमानंद प्रधान, सहकारी समितियों की उप रजिस्ट्रार रश्मिलता बेहेरा भी मौजूद थीं. कार्यक्रम का आयोजन सहायक मत्स्य अधिकारी आकांक्षा दास तुला ने किया.

लाभदायक पशु और मछली पालन के बारे में बताया

पशु संपदा विभाग की ओर से लेफ्रीपाड़ा प्रखंड में सफल पशुपालन के लिए सीमा नायक की तारीफ कर नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. इसी तरह टांगरपाली प्रखंड के चक्रधर पटेल और सबडेगा प्रखंड की आदर्श महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को मत्स्य विभाग की ओर से सफल मछली पालक के रूप में तारीफ की गयी. पशु संपदा विभाग से डॉ बसंत कुमार धल, डॉ प्रशांत कुमार कटवाल और मत्स्य विभाग से नलिनीकांत दास और मृत्युंजय घड़ेई ने लाभदायक पशु और मछली पालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी. अंत में जिला मत्स्य अधिकारी विवेक सोरेन ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

35 स्टॉल में लगायी गयी प्रदर्शनी

इस मेला में 35 विभागीय और उनसे जुड़े स्टॉल लगाये गये थे और अलग-अलग नस्ल के मवेशी, बकरी, भेड़, मुर्गी, सूअर, घास और मछली की प्रदर्शनी लगायी गयी थी. इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों द्वारा अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये किसानों को अलग-अलग विभागों की लाभदायक योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी. अंत में, जिले के फिशरीज और एनिमल रिसोर्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों और फील्ड वर्कर्स को, जिन्होंने सामाजिक प्रभाव डाला उन्हें सम्मानित किया गया.

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