Rourkela News: छात्रों का भविष्य संवारने और राष्ट्र की समग्र प्रगति में शिक्षकों की भूमिका अहम: प्रो अमिय रथ
Rourkela News: बीपीयूटी कैंपस में पीएम श्री स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों के लिए बूट कैंप का तीसरा चरण शुरू हुआ.
Rourkela News: पीएम श्री स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों के लिए एआइसीटीइ-एमआइसी आइडीइ बूट कैंप का तीसरा चरण बुधवार से छेंड स्थित बीपीयूटी कैंपस में शुरू हो गया है. यह तीन दिवसीय एआइसीटीइ इनोवेशन, डिजाइन और एंटरप्रेन्योरशिप (आइडीइ) बूट कैंप का तीसरा चरण सात से नौ जनवरी, 2026 तक निर्धारित है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गयी इस राष्ट्रीय पहल का उद्देश्य स्कूल के नेतृत्वकर्ताओं और शिक्षकों के बीच रचनात्मक सोच और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है. यह कार्यक्रम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें वाधवानी फाउंडेशन ज्ञान भागीदार के रूप में समर्थन कर रहा है.
राज्य के 16 जिलों से नामांकित 188 प्रिंसिपल और शिक्षक ले रहे हिस्सा
बीपीयूटी के नेताजी सुभाष ऑडिटोरियम में सुबह 9:30 शुरू उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि बीपीयूटी के कुलपति प्रो अमिय कुमार रथ शामिल हुए. अन्य अतिथियों में शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल के क्षेत्रीय समन्वयक विभम व्यास, वाधवानी फाउंडेशन क विशेषज्ञ वाणी गंधा और बीपीयूटी की रजिस्ट्रार निशी पूनम मिंज उपस्थित थे. विभम व्यास ने कहा कि ऐसी पहलें शिक्षकों को सशक्त बनाती हैं, ताकि वे स्कूली छात्रों में कम उम्र से ही नवाचार-संचालित और उद्यमी मानसिकता विकसित कर सकें. उन्होंने जोर दिया कि शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी), 2020 के उद्देश्यों को कक्षा अभ्यास में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह बूट कैंप उन लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा. उद्घाटन कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ मनोज कुमार साहू द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ. इस चरण में ओडिशा स्कूल शिक्षा कार्यक्रम प्राधिकरण, ओडिशा सरकार द्वारा राज्य के 16 जिलों से नामांकित कुल 188 प्रिंसिपल, हेडमास्टर और शिक्षक भाग ले रहे हैं. यह सत्र प्रतिभागियों को विचार-मंथन और डिजाइन थिंकिंग से लेकर बिजनेस मॉडलिंग, बुनियादी वित्तीय योजना और लॉन्च रणनीतियों जैसे कि विचारों को बनाने, परीक्षण करने, फंडिंग करने और बढ़ाने तक पूरी इनोवेशन यात्रा में मार्गदर्शन करेंगे.
शिक्षकों को क्लासरूम प्रैक्टिस में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया
प्रो अमिय कुमार रथ ने छात्रों के भविष्य को आकार देने और राष्ट्र की समग्र प्रगति में योगदान देने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने स्कूल-स्तरीय शिक्षा के मूलभूत महत्व पर प्रकाश डाला और सुझाव दिया कि एआइसीटीइ और वाधवानी फाउंडेशन कार्यक्रम को और मजबूत और बेहतर बनाने के लिए प्रतिभागियों से लगातार प्रतिक्रिया एकत्र करें. वाणी गंधा ने बूट कैंप के मुख्य उद्देश्यों के बारे में बताया. समकालीन शिक्षा शास्त्र के एक जरूरी हिस्से के तौर पर डिजाइन थिंकिंग के महत्व पर जोर दिया और इस कार्यक्रम को शिक्षकों के लिए एक इंटरैक्टिव, गतिविधि-आधारित सीखने का मंच बताया. निशी पूनम मिंज ने आज के तेजी से बदलते शैक्षिक माहौल में क्रिटिकल थिंकिंग, समस्या-समाधान और अनुकूलन क्षमता की जरूरत पर जोर दिया और शिक्षकों को सक्रिय रूप से जुड़ने, सोचने और अपनी सीख को बदलाव लाने वाली क्लासरूम प्रैक्टिस में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
