Bhubaneswar News: ओडिशा में अवदाब के प्रभाव से तीन दिनों तक लगातार हुई बारिश के बाद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने अधिकारियों को भारी वर्षा से हुए फसल नुकसान का आकलन शुरू करने का निर्देश दिया है. पुजारी ने सोमवार को एसआरसी कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि लगातार बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन पूरा होने के 24 घंटे के भीतर प्रभावित किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाये.
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार तैयारमंत्री ने कहा कि वैतरणी या राज्य की किसी अन्य नदी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उससे निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है. मंत्री ने स्वीकार किया कि लगातार हो रही बारिश से कुछ इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को तत्काल सर्वेक्षण कर फसल नुकसान का आकलन करने और उसकी रिपोर्ट राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सौंपने के निर्देश दिये गये हैं. मंत्री ने कहा कि रथ यात्रा संपन्न होने के बाद राज्य के सभी 30 जिलों के प्रशासन के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की जायेगी. इस बैठक में लगातार बारिश से उत्पन्न होने वाली संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों और प्रबंधन रणनीतियों पर चर्चा होगी.
लगातार घट रहा नदियों का जलस्तर, चिंता की बात नहींजाजपुर जिले के दशरथपुर ब्लॉक के कांटापाड़ा क्षेत्र में वैतरणी नदी की सहायक कानी नदी के तटबंध में कम से कम दो जगह दरारें पड़ने की सूचना है. इनमें एक दरार करीब 70 फीट लंबी है, जबकि दूसरी लगभग 50 फीट लंबी बतायी गयी है. राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बाढ़ का पानी पास के कृषि क्षेत्र में भर गया है. उन्होंने कहा कि मलिकापुर, दुदुरांता, शुशुआ, मंगलपुर और कनिकापाड़ा समेत कई पंचायतों में जलभराव की स्थिति है. इसके अलावा, बाढ़ का पानी कुछ निचले इलाकों में भी घुस गया है. जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने स्वीकार किया कि जाजपुर जिले में दो स्थानों पर बाढ़ का पानी तटबंधों के ऊपर से बहने से कुछ कृषि भूमि जलमग्न हो गयी. हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि वैतरणी नदी के अखुआपाड़ा क्षेत्र में जलस्तर लगातार घट रहा है और पानी खतरे के निशान से नीचे बह रहा है. उन्होंने कहा कि आज और बारिश नहीं होने से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
हीराकुद बांध और महानदी की स्थिति पर लगातार नजर : मुख्य अभियंताओडिशा में लगातार हो रही बारिश के बीच राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है. हालांकि, छत्तीसगढ़ के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही वर्षा के कारण हीराकुद बांध में जलप्रवाह बढ़ रहा है. इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग हीराकुद बांध और महानदी नदी तंत्र की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाये हुए है. विभाग के मुख्य अभियंता (इंजीनियर-इन-चीफ) दिलीप कुमार राउत ने मंगलवार को मीडिया को यह जानकारी दी. बताया कि मंगलवार को हीराकुद बांध का जलस्तर 606.12 फीट दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में लगभग तीन से चार फीट कम है. वर्तमान में जलाशय में उसकी कुल भंडारण क्षमता का लगभग 26 प्रतिशत पानी संग्रहित है. उन्होंने कहा कि जलाशय में अभी पर्याप्त संग्रहण क्षमता उपलब्ध है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
मुख्य अभियंता ने बताया कि फिलहाल ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से हीराकुद बांध में लगभग 1.80 लाख क्यूसेक पानी की आवक हो रही है. छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में लगातार वर्षा के कारण इस जलप्रवाह में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है और विभाग का अनुमान है कि बुधवार तक यह बढ़कर लगभग 2.50 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि जलप्रवाह बढ़ने के साथ ही बांध के जलस्तर में भी वृद्धि होगी. विभाग ने प्रारंभिक तौर पर नौ जुलाई से हीराकुद बांध से पानी छोड़ने की योजना बनायी थी, लेकिन अंतिम निर्णय मौसम की स्थिति, जलप्रवाह और जलाशय के जलस्तर की समीक्षा के बाद ही लिया जायेगा. मुख्य अभियंता ने कहा कि फिलहाल हीराकुद बांध के दो से तीन फाटक खोलने पर विचार किया जा रहा है. महानदी नदी तंत्र की स्थिति पर जानकारी देते हुए राउत ने बताया कि मुंडली बराज से वर्तमान में लगभग 3.26 लाख क्यूसेक पानी गुजर रहा है. अनुमान है कि मंगलवार मध्यरात्रि अथवा बुधवार सुबह तक यह प्रवाह बढ़कर लगभग 4.50 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है. हालांकि विभाग का आकलन है कि जलप्रवाह पांच लाख क्यूसेक से नीचे रहेगा, इसलिए फिलहाल राज्य में बाढ़ की स्थिति बनने की संभावना नहीं है.
