पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने तीसरी गिरफ्तारी की है. पुलिस ने 22 वर्षीय रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, रितेश को केतन की हत्या की पहले से बनाई गई साजिश की जानकारी थी और वह कथित तौर पर इसकी प्लानिंग में भी शामिल था. इस मामले में इससे पहले केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया जा चुका है.
चेतन से रितेश का कनेक्शन हत्या की साजिश में कैसे शामिल हुआ?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रितेश हांगे कथित तौर पर चेतन चौधरी का दोस्त है. जांच के दौरान पुलिस को उसके हत्या की साजिश से जुड़े होने की जानकारी मिली. पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि जांच में सामने आया कि रितेश केतन अग्रवाल की हत्या की योजना से जुड़ा हुआ था.
हत्या से पहले प्लानिंग के खौफनाक मंसूबे
पुलिस के के मुताबिक, सिया और चेतन ने पहले केतन को चोट पहुंचाकर उसकी शादी टालने की योजना बनाई थी. दोनों कथित तौर पर केतन के हाथ-पैर तोड़ने की बात कर रहे थे, ताकि उसकी सिया से होने वाली शादी में देरी हो सके. हालांकि बाद में उन्हें यह योजना जोखिम भरी लगी और कथित तौर पर उन्होंने केतन की जान लेने का फ़ैसला कर लिया.
हत्या को हादसा दिखाने की साजिश
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपियों ने केतन की मौत को हादसा दिखाने के कई तरीकों पर विचार किया था. पुलिस के मुताबिक, उन्होंने अलग-अलग तरीकों पर चर्चा की, इंटरनेट पर ऐसी जानकारी खोजी जिससे मौत को हादसा दिखाया जा सके, और सस्पेंस फिल्मों से भी प्रेरणा ली. इसके बाद हत्या के लिए ऐसी जगह की तलाश शुरू हुई, जहां मौत को दुर्घटना का रूप दिया जा सके.
टाइगर प्वाइंट से लोहगढ़ तक कई जगहों पर नजर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने पुणे क्षेत्र की कई जगहों की जानकारी जुटाई. इनमें टाइगर प्वाइंट, विसापुर किला और कुछ अन्य किले शामिल थे. कथित तौर पर इन जगहों की तस्वीरें एक-दूसरे को भेजी गईं और यह देखा गया कि हत्या को अंजाम देने के लिए कौन-सी जगह सबसे उपयुक्त होगी. आखिरकार लोहगढ़ किले को चुना गया.
18 जून को लोहगढ़ में केतन की मौत
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को सिया और चेतन ने लोहगढ़ किले में केतन को कथित तौर पर चट्टान से नीचे धकेल दिया. पुलिस इसे हत्या का मामला मानकर जांच कर रही है. हत्या के बाद चेतन ने कथित तौर पर अपने दोस्त रितेश से संपर्क किया और उसे घटना की जानकारी दी.
तीसरी गिरफ्तारी से जुड़ेगी साजिश की सारी कड़ियां
रितेश की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि हत्या की योजना कब बनी, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और लोहगढ़ को वारदात के लिए चुनने के पीछे क्या रणनीति थी. पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.
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