चाईबासा : सत्यवान और सावित्री की कथा का श्रवण कर किया दान-पुण्य

चाईबासा व आसपास क्षेत्रों में सुहागिन महिलाओं ने सोलह शृंगार कर बरगद पेड़ के नीचे विधि-विधान से वट सावित्री की पूजा-अर्चना की.

प्रतिनिधि, चाईबासा

चाईबासा व आसपास क्षेत्रों में सुहागिन महिलाओं ने सोलह शृंगार कर बरगद पेड़ के नीचे विधि-विधान से वट सावित्री की पूजा-अर्चना की. पूजा के बाद महिलाओं ने वट वृक्ष के नीचे बैठ कर सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी. इसके बाद प्रसाद वितरण कर दान-पुण्य किया. वहीं, महिलाओं ने एक-दूसरे के माथे पर सिंदूर लगाकर सदा सुहागन बने रहने की कामना की. नगर के सदर बाजार स्थित दुर्गामंदिर परिसर, पोस्ट ऑफिस चौक, बाबा मंदिर स्थित, करणी मंदिर स्थित बरगद पेड़, शहीद पार्क आदि स्थानों पर महिलाएं एकत्रित होकर पूरे विधि-विधान से बरगद पेड़ की पूजा की और सत्यवान और सावित्री की कथा का श्रवण भी किया. पंडित संजय मिश्रा ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, सावित्री ने यमराज को अपने पति सत्यवान के प्राण को लौटाने पर विवश किया था. इसलिए विवाहिता महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए वट व़ृक्ष के नीचे पूजा करती हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >