LPG Crisis In Chaibasa, चाईबासा : वैश्विक परिस्थितियों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब चाईबासा के किचन और होटलों पर साफ दिखने लगा है. क्षेत्र में न केवल कॉमर्शियल गैस की कीमतों में 218 रुपये का भारी उछाल आया है, बल्कि बाजार से सप्लाई भी लगभग पूरी तरह गायब है. इस दोहरी मार ने आम जनता से लेकर बड़े कारोबारियों तक को, एक बार फिर कोयले और लकड़ी के जहरीले धुएं के बीच जीने को विवश कर दिया है.
आसमान छूती कीमतें और रुकी हुई सप्लाई
पश्चिमी सिंहभूम में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब बढ़कर ₹2,247 (चाईबासा दर लगभग ₹2,235.50) के पार पहुंच गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि, रिकॉर्ड दाम बढ़ने के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है. घरेलू उपभोक्ताओं की स्थिति भी बदतर है, जिन्हें एक रिफिल के लिए 25 से 35 दिन का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे बड़े परिवारों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है.
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होटल कारोबारियों की बढ़ी मुसीबत
गैस सप्लाई ठप होने का सबसे बुरा असर होटल और ढाबा उद्योग पर पड़ा है. होटल संचालकों को अब सुबह होते ही लकड़ी और कोयले के टालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. भट्टी जलाते ही पूरा होटल धुएं से भर जाता है, जिससे न केवल कामगारों की आंखों में आंसू आ रहे हैं, बल्कि होटल की दीवारें और बर्तन भी काले पड़ रहे हैं. ईंधन की लागत बढ़ने के कारण, कई दुकानदारों ने मजबूरी में खाने की थाली और मीनू के दाम बढ़ाने के संकेत दिए हैं.
बाजार में वैकल्पिक ईंधन की वर्तमान दरें (चाईबासा):
बोटा लकड़ी: 900 रुपये प्रति क्विंटल.
डस्टयुक्त गुल: 190 – 200 रुपये (20 किलोग्राम).
साइकिल बोझा लकड़ी: 320 रुपये (जंगल/अन्य स्रोत से)
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