प्लेटफॉर्म के पानी से 120 लोगों का हो रहा गुजारा

वार्ड-15 : एकमात्र चापाकल फेल, प्लेटफॉर्म व रेलवे क्वार्टरों का पानी बना सहारा... प्लेटफॉर्म के पानी से चलता है घर और दुकान का काम चक्रधरपुर : वार्ड-15 के चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन डाकघर समीप रहने वाले लोगों के समक्ष पेयजल समस्या गहराने लगी है. इस बस्ती में 20 परिवार के करीब 120 लोग रहते हैं. इनमें […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 15, 2017 4:42 AM

वार्ड-15 : एकमात्र चापाकल फेल, प्लेटफॉर्म व रेलवे क्वार्टरों का पानी बना सहारा

प्लेटफॉर्म के पानी से चलता है घर और दुकान का काम
चक्रधरपुर : वार्ड-15 के चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन डाकघर समीप रहने वाले लोगों के समक्ष पेयजल समस्या गहराने लगी है. इस बस्ती में 20 परिवार के करीब 120 लोग रहते हैं. इनमें अधिकांश स्टेशन पर लिट्टी व सत्तू रोटी बेच कर रोजी-रोटी चलाते हैं. वर्षों से इस बस्ती के लोग मूलभूत सुविधा से वंचित हैं. सालों से लोग आसपास के रेलवे र्क्वाटरों और प्लेटफॉर्म के पानी पर निर्भर हैं. इतना ही नहीं यहां के लोग अपने बच्चों को प्लेटफॉर्म से पानी लाने के लिए ठेला व साइकिल चलाना सीखा रहे हैं.
प्लेटफॉर्म से पानी लाते हैं, तभी घर का काम व दुकान चलता है. क्या कहते हैं वार्डवासी: वार्ड निवासी पूनम देवी व लागमानो देवी ने कहा कि भू-जलस्तर नीचे जाने से एकमात्र चापाकल ठप है. पानी का अन्य कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. इससे पानी की घोर समस्या उत्पन्न हो गयी है. पानी के लिए रेलवे प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं. उन्होंने कहा कि शाम को रेलवे र्क्वाटर में पानी की खपत होने के बाद बचने वाला पानी मिलता है. इस पानी को आपात स्थिति के लिए घर पर संचित कर लेते हैं. सरिता देवी, अनिता देवी, सनमतो देवी, सुनिला देवी ने पेयजल समस्या को दूर करने का अपील की है. वार्ड पार्षद लालजी प्रसाद उर्फ राजा ने कहा वार्ड स्थित डाकघर के पीछे एक चापाकल अनिवार्य है, यहां पर पेयजल समस्या है. इन समस्याओं के मद्देनजर नगर अध्यक्ष केडी शाह व कार्यपालक सुशील कुमार को सूचित किया गया है. साथ ही यथाशीघ्र चापाकल लगाने की मांग की गयी है.
ठेला पर बिक रहा है कुआं का पानी
रेलवे स्टेशन के बाहर होटलों में प्रतिदिन तीन सौ रुपये में कुएं का पानी बिक रहा है. रेलवे अस्पताल के सामने एक कुआं है. इस कुआं में करीब तीन फीट तक पानी शेष रह गया है. हर दिन ठेला से कुआं का पानी होटलों तक पहुंचाया जा रहा है. इसके एवज में ठेला चालक को तीन सौ रुपया दिया जा रहा है. होटल संचालकों ने कहा कि स्टेशन क्षेत्र में एक भी चापाकल नहीं है. हर दिन तीन सौ रुपये का पानी खरीद रहे हैं. स्टेशन व पांचमोड़ के बीच एक चापाकल है, लेकिन भू-जलस्तर घटने से कम पानी निकलता है.