पूर्वजों की भूल याचना के लिए काड़वार वंशजों ने की धरम पूजा

सोनुवा : सोनुवा के पोड़ाहाट गांव में रविवार को काड़वार वंशजों द्वारा धरम पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 150 परिवारों ने हिस्सा लिया. इस दौरान पुजारी दीपू कर ने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए ईष्ट देवता की पूजा की गयी. पोड़ाहाट के काड़वार वंशज सदानंद महतो के परिवार द्वारा आयोजित इस दौरान काड़वार […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 6, 2017 1:23 AM

सोनुवा : सोनुवा के पोड़ाहाट गांव में रविवार को काड़वार वंशजों द्वारा धरम पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 150 परिवारों ने हिस्सा लिया. इस दौरान पुजारी दीपू कर ने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए ईष्ट देवता की पूजा की गयी. पोड़ाहाट के काड़वार वंशज सदानंद महतो के परिवार द्वारा आयोजित इस दौरान काड़वार वंश के चार अंश बलराम, सदानंद, कन्हाई व रघुनाथ के 150 परिवार के करीब सात सौ सदस्यों ने भाग लिया. मनोहरपुर ढीपा गांव के सेवानिवृत शिक्षक एनएन महतो की पहल व नेतृत्व में पूजा संपन्न हुई. मौके पर तरुण, रजनीश, शरद, कुलदीप, संदीप, दीपक, करमचंद आदि उपस्थित थे.

मनोहरपुर व राउलकेला से पहुंचे थे लोग : काड़वार वंश द्वारा पोड़ाहाट में आयोजित इस अनुष्ठान में सोनुवा के अलावा मनोहरपुर के ढीपा, ईचापीढ, घाघरा, महुलडीहा, ओड़िशा के राउलकेला, सुंदगढ़ ,बनेईगढ़, लुम्सी, लोघी आदि गांवों के परिवार के सदस्य पहुंचे हुए थे. इस दौरान सभी सदस्यों ने एक-दूसरे से मिल कर परिचय प्राप्त किया. पूजा उपरांत उपस्थित काड़वार वंश 150 परिवार के करीब सात सौ सदस्यों ने सामूहिक भोज का आनंद भी उठाया.

पूजा में जिले के अलावा अोड़िशा से भी शामिल हुए कई परिवार
हर 12 वर्ष में काड़वार वंशज करते हैं धरम पूजा
इससे पूर्व 1997 में ओड़िशा के बोनईगढ़ के लुम्सी गांव में हुई थी पूजा
विपदा से बचाने के लिए होती है धरम पूजा
काड़वार वंश के लोगों के मुताबिक अपने पूर्वजों लोगों द्वारा की गयी गलतियों के शुद्धिकरण व वंश की सुख-समृद्धि के लिए हर 12 वर्ष में एक बार धरम पूजा का आयोजन किया जाता है, ताकि काड़वार के वंशजों पर कोई विपदा न आये. पूजा में अपने इष्ट देवता की आराधना कर उन्हें प्रसन्न किया जाता है. इससे पूर्व 1997 में ओड़िशा के बोनईगढ़ के लुम्सी गांव में उक्त पूजा का आयोजन किया गया था.