गुरमुख खोखर की आस्टिन कार बनी 26वीं बार विजेता

चाईबासा : चाईबासा के गुरमुख सिंह खोखर की आस्टिन कार लगातार 26वीं बार कोलकाता में आयोजित विंटेज कार रैली में विजेता बनी. रैली के दौरान उनकी विलियर्स जूनियर्स पारा ट्रुप बाइक ने भी हिस्सा लिया था. जिसे उनके छोटे भाई बलजीत सिंह खोखर चला रहे थे. 2017 में आयोजित रैली में विंटेज व क्लासिक कार […]

चाईबासा : चाईबासा के गुरमुख सिंह खोखर की आस्टिन कार लगातार 26वीं बार कोलकाता में आयोजित विंटेज कार रैली में विजेता बनी. रैली के दौरान उनकी विलियर्स जूनियर्स पारा ट्रुप बाइक ने भी हिस्सा लिया था. जिसे उनके छोटे भाई बलजीत सिंह खोखर चला रहे थे. 2017 में आयोजित रैली में विंटेज व क्लासिक कार तथा मोटरसाइकिलों कैटेगरी में कुल 188 गाड़ियों ने हिस्सा लिया. कोलकाता में 29 जनवरी को दि स्टेट्समैन विंटेज एंड क्लासिक कार रैली 2017 का आयोजन किया गया था.

इसमें 1933 की बनी गुरुमुख सिंह खोखर की आस्टिन कार ने 26 वीं बार इंडियन ऑयल ट्राफी अपने नाम की. वर्ष 1992 से वे लगातार इस ट्राफी को जीतते आ रहे हैं. चाईबासा के गुरमुख सिंह खोखर ने अपनी उपलब्ध का श्रेय 26 वर्ष से सहयोग कर रही टीम को दिया. बताया कि उनकी आस्टिन कार के मैकेनिकल वर्क, बॉडी और रंग वगैरह की देखभाल रामेश्वर मिस्त्री तथा सरजीत सिंह खोखर करते हैं. इस रैली में वर्ष 1900 से लेकर 1939 तक बनी कारों व मोटरसाइकिलों को विंटेज और

1940 से 1970 तक बनी कारों तथा मोटरसाइकिलों को क्लासिक कैटेगरी में रखा जाता है. रैली में भाग लेने वाली कारों व मोटरसाइकिलों के आयोजन के एक दिन पूर्व जजों की तीन अलग-अलग टीम जांच करती है. तीनों टीमें 35-35 तथा 30 अंक यानी कुल 100 अंक वाहनों को देती हैं. रैली के रोड सेक्शन में 50 अंक गाड़ियों के रूट पर चलने के दौरान नजर रखकर दिये जाते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >