मंडल स्तर पर हो बहाली

सीकेपी मंडल. ऑल इंडिया एससी-एसटी संगठन ने दिया धरना, कहा... रेलवे में लाखों बैकलॉग रिक्तियां हैं, जो भरी नहीं गयी है. इन रिक्तियों को मंडल स्तर पर भरा जाना चाहिए. चक्रधरपुर : दलित उत्पीड़न पर अंकुश लगाने को लेकर ऑल इंडिया कॉनफेडरेशन ऑफ एससी व एसटी संगठन के सदस्यों ने बुधवार को रेल मंडल मुख्यालय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 24, 2016 5:18 AM

सीकेपी मंडल. ऑल इंडिया एससी-एसटी संगठन ने दिया धरना, कहा

रेलवे में लाखों बैकलॉग रिक्तियां हैं, जो भरी नहीं गयी है. इन रिक्तियों को मंडल स्तर पर भरा जाना चाहिए.
चक्रधरपुर : दलित उत्पीड़न पर अंकुश लगाने को लेकर ऑल इंडिया कॉनफेडरेशन ऑफ एससी व एसटी संगठन के सदस्यों ने बुधवार को रेल मंडल मुख्यालय के समक्ष धरना दिया. धरना सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक परिसंघ के जोनल अध्यक्ष शंकर प्रसाद तांती के नेतृत्व में दिया गया. इस दौरान परिसंघ के राष्ट्रीय सचिव रामेश्वर राम ने कहा कि रेलवे में लाखों बैकलॉग रिक्तियां हैं, जो भरी नहीं गयी है. इन रिक्तियों को मंडल स्तर पर भरा जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कटौती कर रेलवे कभी विकास नहीं कर सकती. रेल मंडल में यूनियनों की शक्ति खत्म हो चुकी है और अफसरशाही हावी है. इससे रेलकर्मियों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं. 28 नवंबर को दिल्ली रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मामले को राष्ट्रीय सभापति व एमपी डॉ उदित राज के समक्ष रखा जायेगा. दपू रेलवे के जोनल अध्यक्ष शंकर प्रसाद तांती ने कहा कि रेल अधिकारियों के कारण स्थानीय बहाली नहीं हो रही है. मौके पर संगठन के राष्ट्रीय सचिव, बांकुड़ा के अध्यक्ष काला बाउरी, बबलू मुखी आदि मौजूद थे.
कर्मियों की कटौती से नहीं होगा रेलवे का विकास
धरना में संबोधित करते जोनल अध्यक्ष शंकर प्रसाद तांती.
डीआरएम को सौंपा मांग पत्र
परिसंघ के जोनल अध्यक्ष श्री तांती के नेतृत्व में डीआरएम राजेंद्र प्रसाद को छह सूत्री मांग पत्र सौंपा गया. पत्र में एससी व एसटी शॉट बैकलॉक रिक्तियों को स्थानीय बहाली कर भरने, वरीयता सूची लागू करने, रेलवे स्कूलों में 25 फीसदी गरीब बच्चों का नामांकन लेने, स्टेट बैंक डीआरएम शाखा में रेलवे कर्मचारियों को समुचित सुविधा मुहैया कराने, रेलवे में ठेकेदारी प्रथा बंद करने एवं ठेकेदार के अधीन काम करने वाले मजदूरों को उचित मजदूरी देने व बैंक के माध्यम से राशि भुगतान करने, दूसरे स्टेशन ड्यूटी पर जाने वाले रेलकर्मियों को एक हजार रुपये का खुदरा टिकट बुकिंग से बदलने की सुविधा देने आदि मांगें शामिल हैं.