रुपये रहते हुए भी दंपती को भूखे पेट गुजारनी पड़ी रात

स्थानीय युवकों की मदद से राधी मुंडा को दुकान से दिलाया गया चावल... पुराने पांच से के नोट लेने को दुकानदार कर दे रहे थे इनकार सोनुवा : पास पांच सौ रुपये रहते हुए भी प्रखंड के जोड़पोखर गांव की एक वृद्ध महिला मजदूर राधी मुंडा एवं उसके पति को शुक्रवार की रात भूखे पेट […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 13, 2016 6:31 AM

स्थानीय युवकों की मदद से राधी मुंडा को दुकान से दिलाया गया चावल

पुराने पांच से के नोट लेने को दुकानदार कर दे रहे थे इनकार
सोनुवा : पास पांच सौ रुपये रहते हुए भी प्रखंड के जोड़पोखर गांव की एक वृद्ध महिला मजदूर राधी मुंडा एवं उसके पति को शुक्रवार की रात भूखे पेट रहना पड़ा. राधी तीन दिनों से चावल खरीदने के लिए दुकानों की चक्कर काट रही थी.
पुराने पांच सौ के नोट होने के कारण उसे कोई भी दुकानदार चावल बेचने के लिए तैयार नहीं था. जिस कारण उसके घर मेें तीन दिनों से चूल्हा बंद था. तीन दिनों से राधी व उसका पति भूखे पेट रहने के लिए मजबूर थे. वह जब फिर से शनिवार को चावल खरीदने सोनुवा बाजार आयी, तभी दुकानदारों ने उसे चावल नहीं दिया. इस दौरान राधी ने स्थानीय युवकों को अपनी परेशानी बतायी. इसके बाद युवकों की मदद से एक दुकान से उसे चावल दिलाया गया. राधी मुंडा ने बताया कि वह और उसका पति मजदूरी करते हैं. दो दिनों तक बैंक से नोट बदलवाने के लिए लाइन में लगी थी, लेकिन भीड़ ज्यादा होने के कारण वह नहीं बदल नहीं.