चाईबासा : झारखंड राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्र कोल्हान, जिला (पुराना) सिंहभूम को भारतीय संविधान 372 के तहत स्वयतशासी प्रदेश बनाने की मांग पूरी नहीं हुई तो जोरदार आंदोलन किया जायेगा. यह घोषणा कोल्हान रक्षा संघ के महासचिव केसी हेंब्रम ने संवाददाता सम्मेलन में की.
उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 244 के पांचवी अनुसूची के पारा 5 (1,2 व 3) के क्षेत्रधिकार में विभिन्न 23 एक्टों को 2001 से राज्यपाल के अधिसूचना से लागू किया गया अथवा बिना अधिसूचना के. इसकी जानकारी झारखंड सरकार से मांगी गयी थी. लेकिन उन्हें यह जानकारी उपलब्ध नहीं करायी गयी. इसके बाद 21.12.2011 को उच्च न्यायालय में उन्होंने याचिका दायर की.
उन्होंने बताया कि 2 मई 13 को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने सर्वोच्च न्यायालय के केस नंबर 1969 (3) 471 राम कृपाल भगत बनाम बिहार सरकार का हवाला देते हुए संबंधित सभी कानूनों के शिड्यूल एरिया में लागू नहीं होने का निर्णय सुनाया था. लेकिन सुनवाई में इन एक्टों को अंकित नहीं किया गया.
उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार का शासन काल सन् 1820 से 1831-32 तक सिंहभूम जिला के ‘हो’ आदिवासी ब्रिटिश सरकार के दमनात्मक हुकुमत के खिलाफ संघर्ष किये. इसी संघर्ष के बदौलत सिंहभूम को ‘कोल विद्रोह’ के नाम से जाना जाता है.
