नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट
Noamundi News: नोवामुंडी प्रखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित जेटेया प्लस टू उत्क्रमित उच्च विद्यालय ने इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है. कठिन परिस्थितियों, संसाधनों की कमी और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद यहां के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती.
98.95 प्रतिशत परिणाम, 95 छात्र सफल
विद्यालय के कुल 98 छात्र-छात्राओं में से 96 परीक्षार्थी मैट्रिक परीक्षा में शामिल हुए. इनमें से 95 छात्र सफल घोषित हुए, जिससे विद्यालय का कुल परीक्षा परिणाम 98.95 प्रतिशत रहा. यह उपलब्धि न केवल विद्यालय के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है.
प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी में बेहतर प्रदर्शन
सफल विद्यार्थियों में 32 ने प्रथम श्रेणी, 60 ने द्वितीय श्रेणी और 3 ने तृतीय श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की. यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि विद्यालय में शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है और छात्र सभी श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं.
ऋतुराज केराई बने स्कूल टॉपर
इस शानदार परिणाम में ऋतुराज केराई ने 369 अंक (74%) हासिल कर विद्यालय टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया. वहीं श्रीकांत गोप ने 362 अंक (72%) के साथ दूसरा स्थान हासिल किया. वर्षा कुमारी गोप ने 354 अंक (71%) अंक लाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया. इन छात्रों की सफलता ने अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित किया है.
शिक्षकों और प्रधानाध्यापिका ने जताई खुशी
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुनीता कुमारी और सभी शिक्षकों ने इस सफलता पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने यह संभव किया है. सुदूर जंगल क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद बच्चों का यह प्रदर्शन अत्यंत प्रेरणादायक है.
सामूहिक प्रयास का मिला परिणाम
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे शिक्षकों का सामूहिक प्रयास, नियमित मार्गदर्शन और छात्रों की निरंतर मेहनत का बड़ा योगदान है. शिक्षकों ने हर स्तर पर छात्रों का मार्गदर्शन किया, जिससे वे बेहतर प्रदर्शन कर सके.
अभिभावकों की भूमिका भी रही अहम
इस सफलता में अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही. ग्रामीण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी और हर संभव सहयोग दिया. यही कारण है कि छात्रों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी और सफलता हासिल की.
पूरे क्षेत्र के लिए बना प्रेरणा का केंद्र
जेटेया जैसे सुदूर क्षेत्र में इस तरह का उत्कृष्ट परिणाम पूरे नोवामुंडी प्रखंड के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है. यह उपलब्धि दिखाती है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो संसाधनों की कमी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती.
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भविष्य के लिए नई उम्मीदें
विद्यालय के इस परिणाम से यह उम्मीद जगी है कि आने वाले वर्षों में यहां के छात्र और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे. यह सफलता न केवल शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के महत्व को भी उजागर करती है.
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