गुवा से संदीप गुप्ता की रिपोर्ट
West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में स्थानीय ग्रामीणों की बहाली को लेकर आंदोलन एक बार फिर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं. रोजगार में स्थानीय लोगों की अनदेखी के आरोपों के बीच ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. आने वाले दिनों में स्थिति और उग्र होने की संभावना जताई जा रही है.
मधु कोड़ा की अध्यक्षता में अहम बैठक
गुरुवार को कोड़ा आवास में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में 18 गांव के मुंडा-मानकी संघ और स्थानीय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 5 मई को सेल प्रबंधन के साथ होने वाली वार्ता की रणनीति तय करना था.
5 मई की वार्ता निर्णायक, 6 मई से चक्का जाम की चेतावनी
बैठक में स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि 5 मई को प्रस्तावित वार्ता में बहाली के मुद्दे पर कोई ठोस और सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो 6 मई से सेल का चक्का जाम किया जाएगा. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि इस बार आंदोलन और अधिक व्यापक और प्रभावी होगा.
सेल प्रबंधन पर बाहरी लोगों को रोजगार देने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सेल प्रबंधन लगातार स्थानीय युवाओं को नजरअंदाज कर बाहरी लोगों को रोजगार दे रहा है. इस कारण क्षेत्र के युवाओं में भारी असंतोष है. वक्ताओं ने कहा कि यह स्थिति अब स्वीकार्य नहीं है और स्थानीय लोगों के अधिकार के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा.
पहले भी हो चुके हैं कई आंदोलन और भूख हड़ताल
ज्ञात हो कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार आंदोलन किए जा चुके हैं. 12 गांव के मुंडा-मानकी संघ ने प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर 72 घंटे की भूख हड़ताल भी की गई थी. इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर 20 अप्रैल को सेल का चक्का जाम किया गया था.
त्रिपक्षीय वार्ता के बाद मिला था आश्वासन
चक्का जाम के बाद हुई त्रिपक्षीय वार्ता में सेल प्रबंधन ने 5 मई को 18 गांव के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समस्या के समाधान का लिखित आश्वासन दिया था. इसी आश्वासन के आधार पर आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया था.
अब सबकी नजरें 5 मई की बैठक पर
अब एक बार फिर क्षेत्र के लोगों की निगाहें 5 मई को होने वाली वार्ता पर टिकी हुई हैं. यदि इस बार भी समाधान नहीं निकलता है, तो आंदोलन के उग्र रूप लेने की पूरी संभावना है.
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बैठक में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के अलावा जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी, बबलू चाम्पिया, मुंडा सिंगा सुरीन, मंगता सुरीन सहित कई अन्य प्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे. सभी ने एकजुट होकर स्थानीय अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
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