हकीकत : तीन साल में न गरीब बढ़े, न कंबल

– मनोज कुमार –... चाईबासा : एक बार फिर महज 5227 गरीब, असहाय व नि:शक्तों को ही सरकारी कंबल नसीब हो सकेगा, भले ही ठंड से सैकड़ों गरीब ठिठुरते हुए रात गुजारने को मजबूर हो. यह स्थिति इस साल भी उत्पन्न होने वाली है. पिछले तीन साल ये यह सिलसिला चला आ रहा है. इन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 24, 2013 4:58 AM

– मनोज कुमार –

चाईबासा : एक बार फिर महज 5227 गरीब, असहाय व नि:शक्तों को ही सरकारी कंबल नसीब हो सकेगा, भले ही ठंड से सैकड़ों गरीब ठिठुरते हुए रात गुजारने को मजबूर हो. यह स्थिति इस साल भी उत्पन्न होने वाली है. पिछले तीन साल ये यह सिलसिला चला आ रहा है.

इन तीन वर्षो में प्रशासनिक आकड़ों में न गरीब बढ़े न घटे. लिहाजा सभी प्रखंडों के लिए कंबलों की संख्या निर्धारित होकर रह गयी. 21 नवंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कुछ लोगों को कंबल बांटकर सरकारी स्तर पर योजना की शुरुआत भी कर दी है. बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से कंबल के लिए एक बार ही आवंटन भेजा जाता है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि जिले में केवल 5227 गरीब ही हैं?

अन्य गरीबों व असहायों के लिए सरकारी स्तर पर क्या किया जायेगा? इन अनुत्तरित सवालों के बीच सरकार के स्तर से गरीबों के लिए जिला में कंबल का आवंटन कर दिया गया है और ये कंबल प्रखंडों में भेज दिये गये है.