बेधड़क हो रहा है अयस्क का अवैध खनन व परिवहन

बड़बिल : थाना क्षेत्र के ठाकुरानी के निकट झारखंड सीमा से लेकर भीतरी इलाकों में अवैध खनन का दिलचस्प नाराज दिखायी पड़ रहा है. ठंकुरा बस्ती से लेकर नोवामुंडी बस्ती और उससे आगे बढ़ते जाने के क्रम में अवैध लौह अयस्क खदानों की बाढ़ सी नजर आती है. नोवामुंडी के डुकासाईं में बस्ती के भीतर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 24, 2015 1:31 AM
बड़बिल : थाना क्षेत्र के ठाकुरानी के निकट झारखंड सीमा से लेकर भीतरी इलाकों में अवैध खनन का दिलचस्प नाराज दिखायी पड़ रहा है. ठंकुरा बस्ती से लेकर नोवामुंडी बस्ती और उससे आगे बढ़ते जाने के क्रम में अवैध लौह अयस्क खदानों की बाढ़ सी नजर आती है.
नोवामुंडी के डुकासाईं में बस्ती के भीतर तो अवैध रूप से खनन कर निकाले गये अयस्क का स्टॉक तक किया गया है.
डुकासाईं के भीतर रेल मार्ग से आगे लगभग 5 सौ मैट्रिक टन उच्च मान का लौह अयस्क भंडारण माफियाओं ने झाड़ियों में छुपाकर किया है. इससे आगे बालझुडी और कांतोडिया में सडक किनारे ही अवैध खदान बना दी गयी है. यहां बड़े-बड़े वृक्ष भी अवैध खनन की बलि चढ़ चुके है. इसमेंअधिकतर साल के पेड़ है. दिलचस्प है कि संरक्षित वन क्षेत्र हो या निजी जमीन या फिर किसी खदान कंपनी की लीज जमीन, हर जगह मनमाने तरीके से खुदाई कर अयस्क निकाला गया.
बताया जाता है कि माफिया हर रात खनन के लिए जीसीबी व पोकलेन मशीन का सहारा लेते है. फिर लोडर की मदद से हाईवा तथा डंपरों में लौह अयस्क को अवैध रूप से ठंकुरा तथा बड़ाजामदा के क्रशर तक पहुंचा दिया जाता है. हर रात लगभग पांच सात हजार टन तक अयस्क का अवैध खनन कर परिवहन किया जा रहा है. इसकी जानकारी होने के बावजूद संबंधित विभाग चुप्पी साधे बैठे है.