महिला कैदियों से मिली टीम, ली जानकारी
चाईबासा : महिला आयोग टीम मंडलकारा चाईबासा का निरीक्षण किया. इस दौरान जेल में बंद महिला कैदियों को मिल रही सुविधा की जानकारी दी. वार्ड में भर्ती महिला कैदियों से भोजन, नाश्ता में क्या मिल रहा है, इस संबंध में पूछा. जेल में बंद महिला कैदियों द्वारा की गयी सिलाई, कढ़ाई बुनायी का भी अवलोकन […]
चाईबासा : महिला आयोग टीम मंडलकारा चाईबासा का निरीक्षण किया. इस दौरान जेल में बंद महिला कैदियों को मिल रही सुविधा की जानकारी दी. वार्ड में भर्ती महिला कैदियों से भोजन, नाश्ता में क्या मिल रहा है, इस संबंध में पूछा. जेल में बंद महिला कैदियों द्वारा की गयी सिलाई, कढ़ाई बुनायी का भी अवलोकन टीम के सदस्यों ने किया. कढ़ाई बुनायी की काफी प्रशंसा की. जेलर को महिला कैदियों के स्वास्थ्य की हमेशा जांच कराने का निर्देश आयोग के अध्यक्ष ने दिया.
पड़ोसी के भरोसे अपने बच्चे का पालन नहीं होता है
आयोग की अध्यक्ष कल्याणी शरण ने कुपोषण जैसे गंभीर मसले पर कहा कि पड़ोसी के भरोसे अपने बच्चे का पालन नहीं होता है. गर्भावस्था के दौरान मां को उचित पोषाहार नहीं मिलने के कारण मां और बच्चे दोनों कुपोषित हो जाते हैं. इसी दौरान कोई बच्चा सात माह पर बाहर आ जाता है, जिससे उसकी मौत हो जाती है. जब अध्यक्ष से प्रभात खबर ने पूछा कि कुपोषण दूर करने के लिए सरकार बहुत सारी योजनाएं चला रही हैं. कुपोषित मां, बच्चे, किशोरी पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, फिर भी ऐसा क्यों है. इस सवाल पर अध्यक्ष ने सिर्फ इतना ही कहा कि सरकार अपना कार्य कर रही है. लेकिन, अधिकारी अपनी जिम्मेवारी नहीं समझ रहे हैं. लाखों खर्च के बावजूद कुपोषण का ग्राफ बढ़ता जा रहा है, क्या यह जांच का विषय नहीं है. इस सवाल के जवाब में भी आयोग की अध्यक्ष ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.
