सिमडेगा के श्रीकोंडेकेरा में नल-जल योजना बनी परेशानी का सबब, ग्रामीणों ने की जांच की मांग

कोलेबिरा के श्रीकोंडेकेरा में नल-जल योजना का बुरा हाल है. ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है, उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है.

कोलेबिरा (सिमडेगा): प्रखंड के रैसिया पंचायत अंतर्गत श्रीकोंडेकेरा गांव में घर-घर नल-जल योजना की बदहाली ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है. ग्रामीणों का आरोप है कि करीब दो वर्ष पहले गांव में चार स्थानों पर सोलर संचालित जलमीनार स्थापित की गयीं, लेकिन अब तक किसी भी जलमीनार से नियमित रूप से घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है. इसके कारण सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है और उन्हें पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है.

जलमीनार और पाइपलाइन लगाने के बाद भी समस्या

जानकारी के अनुसार सुभाष कोष्टा, राम लखन साहू, कृष्णा साहू और भीम सिंह के घर के समीप जलमीनार स्थापित कर पाइपलाइन के माध्यम से घरों में नल कनेक्शन दिए गये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के बावजूद बोरिंग कर जलमीनार स्थापित कर दी गयी. इसके बाद सबमर्सिबल पंप और पाइपलाइन भी लगा दी गयी, लेकिन पेयजल की समस्या दूर नहीं हुई.

ग्रामीण प्रीतम साहू ने आरोप लगाया कि जिन स्थानों पर बोरिंग से पर्याप्त पानी नहीं निकला, वहां भी जलमीनार के उपकरण लगा दिए गये. भीम सिंह ने बताया कि उनके घर के समीप कम पानी वाले स्थान पर बोरिंग कर सबमर्सिबल पंप लगाया गया, जिससे जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है. पंकज साहू ने कहा कि ग्रामीणों के विरोध के बावजूद ऐसे स्थानों पर काम कराया गया, जहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं था.

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नल लगा, लेकिन पानी का इंतजार खत्म नहीं हुआ

हेमंत साहू ने बताया कि उनके घर तक नल और पाइपलाइन तो पहुंचा दी गयी, लेकिन एक दिन कुछ लोटा पानी आने के बाद आज तक पानी नहीं मिला. विमला देवी ने कहा कि घर के बाहर नल देखकर उम्मीद जगी थी कि अब पानी की समस्या दूर हो जायेगी, लेकिन नल महज दिखावा बनकर रह गया है.

जांच और कार्रवाई की मांग

परमेश्वर साहू और विनोद सिंह ने योजना के कार्यों की जांच कराने की मांग की है. ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ.

सूरज बड़ाईक, राजेंद्र राम, सरिता देवी, रणजीत राम, वन हरि सिंह, सुमन साहू, आमोद साहू और अरविंद कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने जिले के वरीय पदाधिकारियों से जलमीनारों की जांच कराने और खराब व्यवस्था को दुरुस्त कर घर-घर नियमित पानी पहुंचाने की मांग की है.

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के मुखिया और स्थानीय विधायक से भी शिकायत की गयी, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है.


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लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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