कर्नाटक में सिमडेगा के मजदूर की संदिग्ध मौत, आखिर कैसे गांव पहुंचा पार्थिव शरीर

सिमडेगा के प्रवासी मजदूर राधे पांडे की कर्नाटक में संदिग्ध मौत हो गई. तेज बुखार से पीड़ित होने के बाद अस्पताल से लौटने पर कमरे में ही उनकी जान चली गई. कंपनी और स्थानीय संगठनों की मदद से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव पहुंचाया गया.

सिमडेगा से रविकांत साहू की रिपोर्ट

सिमडेगा. रोजगार की तलाश में कर्नाटक गये केरसई प्रखंड के किनकेल पाकरबहार निवासी प्रवासी मजदूर राधे पांडे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी. वह कर्नाटक की एक निजी लघु औद्योगिक इकाई में मजदूरी करता था. मृतक के साथी अमित मांझी के अनुसार राधे पांडेय पिछले दो-तीन दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था.

20 अगस्त को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. चिकित्सकों की जांच के बाद उन्हें आराम करने की सलाह दी गयी. अस्पताल से लौटने के बाद कमरे में ही उसकी अचानक मौत हो गयी. घटना की जानकारी 21 अगस्त को झारखंड राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष को मिली. इसके बाद टीम ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया.

कंपनी की मदद से एंबुलेंस की व्यवस्था कर पार्थिव शरीर को झारखंड भेजा गया. पार्थिव शरीर को पैतृक गांव पहुंचाने में गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन सिमडेगा की ओर से मोहन मांझी ने भी आवश्यक मदद की. राधे पांडेय की मौत से गांव में शोक की लहर है.


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By अपूर्व कुमार शुक्ला

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