सिमडेगा. पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे के निर्देशन में कम्यूनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम ‘मोर पुलिस मोय पुलिस’ के तहत जिले के सभी थाना एवं ओपी क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. 3 से 10 सितंबर तक चले अभियान में ग्राम सभाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विद्यालयों और आंगनबाड़ी सेविकाओं-सहायिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित की गई.
संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील
अभियान के दौरान मानव तस्करी, सड़क सुरक्षा, सर्पदंश से बचाव एवं प्राथमिक उपचार, साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, महिला उत्पीड़न, बाल संरक्षण और डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुप्रथाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया गया. पुलिस ने ग्रामीणों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अपराध या सामाजिक कुप्रथा की जानकारी तत्काल नजदीकी थाना अथवा पुलिस को देने की अपील की.
डायन बताकर प्रताड़ित करना अपराध
डायन प्रथा के खिलाफ जागरूक करते हुए पुलिस ने कहा कि किसी महिला या अन्य व्यक्ति को डायन बताकर प्रताड़ित करना, सामाजिक बहिष्कार करना या हिंसा करना कानूनन अपराध है. ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी. लोगों से अंधविश्वास और अफवाहों से दूर रहने तथा विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लेने की अपील की गई.
युवाओं को नशे से दूर रहने की सीख
विद्यालय एवं कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया. युवाओं की समितियां गठित कर उन्हें सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया. साइबर ठगी से बचाव के लिए एनसीआरपी पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई. वहीं, दुर्घटना या आपात स्थिति में तत्काल डायल-112 पर सूचना देने की अपील की गई. पुलिस ने कहा कि आमजन के सहयोग से ही सुरक्षित, जागरूक और अपराधमुक्त समाज का निर्माण संभव है.
