शिल्पी देवी की दुकान दोबारा शुरू कराने में बढ़ाया मदद का हाथ, तीन बेटियों की पढ़ाई के लिए कॉपी-पेन भी दिया
ठेठईटांगर, सिमडेगा : बाजारटांड़ में आग लगने से दुकान और उसमें रखा सामान जलकर नष्ट होने के बाद आर्थिक संकट से जूझ रही शिल्पी देवी की मदद के लिए समाजसेवी भरत प्रसाद आगे आये हैं. शनिवार को उन्होंने शिल्पी देवी की गुमटी दुकान में आवश्यक सामान दोबारा उपलब्ध कराया, ताकि वह फिर से अपना व्यवसाय शुरू कर सकें. साथ ही उनकी तीन बेटियों की पढ़ाई के लिए कॉपी-पेन भी उपलब्ध कराया.
दुकान जलने से परिवार पर आया था संकट
कुछ दिन पूर्व बाजारटांड़ स्थित शिल्पी देवी की गुमटी में देर रात आग लग गयी थी. देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और उसमें रखा सामान जलकर नष्ट हो गया. घटना के बाद दुकान ही परिवार के भरण-पोषण का प्रमुख सहारा होने के कारण शिल्पी देवी के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था.
पति के निधन के बाद शिल्पी देवी अपनी तीन बेटियों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. दुकान से होने वाली आमदनी से ही परिवार का खर्च और बेटियों की पढ़ाई चलती थी. आग के बाद दुकान दोबारा शुरू करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गयी थी.
दोबारा कारोबार शुरू करने में मिली मदद
परिवार की स्थिति की जानकारी मिलने पर समाजसेवी भरत प्रसाद ने मदद करने का निर्णय लिया. उन्होंने दुकान में लाखों रुपये की लागत का सामान उपलब्ध कराया, ताकि शिल्पी देवी दोबारा अपना कारोबार शुरू कर सकें. इसके अलावा उनकी तीनों बेटियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए कॉपी-पेन भी दिया.
भरत प्रसाद ने कहा कि मुसीबत कभी बताकर नहीं आती. ऐसे समय में जरूरतमंद परिवार के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानव सेवा है. उनका प्रयास है कि शिल्पी देवी दोबारा अपने पैरों पर खड़ी हों और उनकी बेटियों की पढ़ाई किसी परिस्थिति में बाधित न हो.
मदद मिलने के बाद शिल्पी देवी भावुक हो गयीं. उन्होंने भरत प्रसाद के प्रति आभार जताते हुए कहा कि दुकान जलने के बाद उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि व्यवसाय दोबारा कैसे शुरू करें और परिवार का खर्च कैसे चलेगा. ऐसे कठिन समय में मिली मदद से उन्हें बड़ी राहत मिली है.
स्थानीय लोगों ने भी भरत प्रसाद की पहल की सराहना की. लोगों ने कहा कि जरूरतमंद को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करने का प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है.
