बानो (सिमडेगा): रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) बानो के ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत 2 लापता नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाकर बाल संरक्षण तंत्र को सौंपा गया. इस अभियान में आरपीएफ पोस्ट बानो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 पर 30 जुलाई को संयुक्त गश्ती के दौरान डिविजनल 'नन्हे फरिश्ते' टीम और आरपीएफ पोस्ट रांची ने दो नाबालिग लड़कों को संदिग्ध अवस्था में पाया.
पूछताछ में दोनों बच्चों ने केवल अपने गांव का नाम एल्ला बताया. इसके बाद आरपीएफ पोस्ट बानो के एसआई मिथिलेश कुमार ने गांव के मुखिया का संपर्क उपलब्ध कराया. ग्राम प्रधान कल्याण जोजो ने बच्चों की पहचान एल्विन जोजो (10 वर्ष) और आश्मित जोजो (11 वर्ष), निवासी ग्राम एल्ला, थाना महाबुआंग, जिला सिमडेगा के रूप में की.
काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने बताया कि घर में डांट-फटकार से नाराज होकर वे रांची पहुंच गए थे. दोनों बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में रखते हुए भोजन, पेयजल और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी गई. 31 जुलाई को सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों बच्चों को चाइल्ड लाइन रांची के सुपुर्द कर दिया गया. पूरे अभियान में डिविजनल 'नन्हे फरिश्ते' टीम के साथ आरपीएफ पोस्ट बानो की त्वरित सूचना और समन्वय ने बच्चों की सुरक्षित पहचान और संरक्षण सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई.
