पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं लोग

सदर प्रखंड के कोचेडेगा में लाखों की लागत से बनी जलमीनार खराब

सिमडेगा. सदर प्रखंड के कोचेडेगा में लाखों की लागत से बनी जलमीनार शोभा की वस्तु बन गयी है. जलमीनार खराब होने से ग्रामीण पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं. मंगलवार को आदिवासी कांग्रेस के स्टेट कोर्डिनेटर दिलीप तिर्की मंगलवार को कोचेडेगा पहुंच ग्रामीणों समेत जलमीनार के मशीन हाउस ऑपरेटर से मिले. ऑपरेटर संतोष इंदवार ने बताया कि कंपनी बंद हो गयी है. बताया कि उन्हें भी सात माह से पेमेंट नहीं मिला है. जलमीनार के पंप हाउस ऑपरेटर से बातचीत के बाद आदिवासी कांग्रेस के नेता दिलीप तिर्की ने पेयजल विभाग के कार्यपालक अभियंता से बात की, तो उन्होंने जलमीनार के संदर्भ मुखिया को हैंडओवर कर देने की बात कह कर टाल दिया. कहा कि इस मामले में उन्हें विशेष जानकारी नहीं है. कांग्रेस नेता दिलीप तिर्की ने कहा कि अधिकारी सरकार को बदनाम करने पर तुले हैं. कहा कि वह जिले के डीसी से इस समस्या के समाधान कराने की मांग करेंगे. लोगों ने कहा यदि शनिवार तक जलापूर्ति शुरू नहीं की गयी, तो सोमवार से आंदोलन करेंगे. ग्रामीणों ने बताया कि शुरुआती दिनों में इससे ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति की जाती थी, किंतु महज छह माह के भीतर पानी की आपूर्ति बंद कर दी गयी.

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