सिमडेगा : फरसाबेड़ा में माता वेलांकनी का जन्मोत्सव धार्मिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया. जन्मोत्सव को लेकर 29 अगस्त से विनती, प्रार्थना और उपवास का कार्यक्रम चल रहा था. वेलांकनी चर्च परिसर में आयोजित धार्मिक आयोजन में सिमडेगा समेत विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचे. श्रद्धालुओं ने उपवास रखते हुए माता वेलांकनी के समक्ष प्रार्थना की और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए विनती की.
आठ सितंबर की देर शाम धार्मिक अनुष्ठान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ. अजीत नवरंगी ने नारियल फोड़कर और शंख बजाकर माता वेलांकनी की पूजा-अर्चना की. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिमडेगा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट बरवा थे. सेंट जॉन्स स्कूल की छात्राओं और महिला मंडल की ओर से स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया.
इसके बाद बिशप समेत अन्य अतिथियों को कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया. पूजा-अर्चना के बाद बिशप विंसेंट बरवा ने झंडा उतारा. आयोजन में करीब 25 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की बात कही गयी.
माता की प्रतिमा के साथ निकली शोभायात्रा
समापन के अवसर पर माता वेलांकनी की भव्य शोभायात्रा निकाली गयी. श्रद्धालु माता की प्रतिमा को कंधे पर लेकर फरसाबेड़ा बस्ती का भ्रमण करते हुए आगे बढ़े. शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.
ईश्वर पर विश्वास को बनायें जीवन का आधार : बिशप
बिशप विंसेंट बरवा ने कहा कि समस्त मानव जाति की मुक्ति के लिए प्रभु यीशु को ईश्वर ने भेजा है. माता मरियम का चर्च मानव जाति के लिए आशा की किरण है. उन्होंने श्रद्धालुओं से ईश्वर पर विश्वास रखने और विश्वास के साथ आराधना करने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि श्रद्धालु अपने विश्वास को मजबूत करें और प्रभु यीशु के साथ अपने संबंध को गहरा करें. साथ ही अपने जीवन को माता मरियम को समर्पित करते हुए उनके बताये मार्ग पर चलने और दूसरों की सेवा करने का संदेश दिया.
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया. हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया.
