मैट्रिक प्रमाणपत्र किसी और का, नौकरी किसी और ने की- सोशल मीडिया वीडियो से कथित खुलासा

सिमडेगा में पहचान की चोरी कर फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोप में दो लोगों पर प्राथमिकी दर्ज, पुलिस कर रही है मामले की गहन जांच.

सिमडेगा. रेंगारिह निवासी 58 वर्षीय क्लौदिया कुजूर को शायद कभी अंदाज़ा नहीं था कि उनकी पुरानी दोस्ती एक ऐसे गंभीर जाल में बदल जाएगी जो उनकी पहचान और आजीविका पर सवाल उठा देगी. रेंगारिह निवासी किशोरी टोप्पो पर पहचान की चोरी और धोखाधड़ी का गंभीर आरोप है. उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी नौकरी हासिल की. इस मामले में दिल्ली निवासी और मूल रूप से रेंगारिह की रहने वाली क्लौदिया कुजूर की शिकायत पर रेंगारिह थाना में किशोरी टोप्पो और उनके बेटे दिलीप तिर्की के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.

अनजाने में इस्तेमाल हुए मैट्रिक प्रमाणपत्र की कहानी

शिकायतकर्ता क्लौदिया कुजूर (58 वर्ष) के अनुसार, किशोरी टोप्पो ने साल 1987 में उर्सुलाइन गर्ल्स हाई स्कूल, रेंगारिह से जारी उनके मैट्रिक प्रमाणपत्र समेत अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया. आरोप है कि इन दस्तावेजों और उनकी पहचान का उपयोग कर किशोरी टोप्पो ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची में सरकारी नौकरी हासिल कर ली और सालों से सरकारी वेतन लेती रहीं. क्लौदिया ने बताया कि किशोरी टोप्पो स्कूल के समय उनकी सहेली थीं. आरोप है कि नौकरी दिलाने की बात कहकर उन्होंने उनके शैक्षणिक दस्तावेज लिए थे. बाद में दस्तावेज वापस कर दिए गए, लेकिन कथित तौर पर उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर क्लौदिया की पहचान का इस्तेमाल कर सरकारी नौकरी हासिल कर ली गई.

एक वायरल वीडियो जिसने पर्दाफाश किया

क्लौदिया के अनुसार, 16 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखने के बाद उन्हें पूरे मामले की जानकारी हुई. वीडियो में दिलीप तिर्की नाम के व्यक्ति क्लौदिया कुजूर को अपनी मां बता रहे थे. इसके बाद उन्होंने मामले की छानबीन शुरू की. इस दौरान सरकारी दस्तावेजों, मतदाता सूची और ई-केवाईसी में उनकी पहचान के कथित इस्तेमाल की जानकारी सामने आयी.

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मामले का खुलासा होने के बाद किशोरी टोप्पो ने क्लौदिया को फोन कर मामला शांत रखने के लिए पैसे देने का कथित तौर पर लालच दिया. वहीं, 24 अगस्त को जब क्लौदिया अपना बोनाफाइड प्रमाणपत्र लेने उर्सुलाइन गर्ल्स हाई स्कूल पहुंचीं, तो वहां दिलीप तिर्की के मौजूद होने की बात भी शिकायत में कही गयी है. डर और अनिश्चितता के माहौल में, क्लौदिया कुजूर ने न केवल पैसे के लालच का सामना किया, बल्कि अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर भी धमकी महसूस की.

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, वे पहचान की चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ी हैं. ये भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(1), 319(2), 336(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) हैं. शिकायतकर्ता ने कथित फर्जी दस्तावेजों को जब्त करने, मामले की निष्पक्ष जांच करने और अपनी सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग पुलिस से की है.

डीएसपी रणवीर सिंह ने बताया कि मामला गंभीर है और पुलिस के संज्ञान में आ गया है. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.

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By Ravikant

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