सिमडेगा. सिमडेगा जिले में उर्वरक की कालाबाजारी, निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और असामान्य मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के मामलों में जिला प्रशासन व कृषि विभाग ने कार्रवाई की है. जांच में अनियमितता पाये जाने पर चार उर्वरक विक्रेताओं व प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिये गये हैं. कार्रवाई की जद में ओड़गा लैंपस लिमिटेड, जलडेगा, सुदामा खाद भंडार, जलडेगा, मनोज बिश्वाल, लरबा, कोलेबिरा तथा हरियाली बीज भंडार, कुरडेग शामिल हैं.
विभागीय जांच और उपलब्ध बिक्री विवरणी के आधार पर इन प्रतिष्ठानों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक की बिक्री तथा कुछ मामलों में किसानों को असामान्य मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की अनियमितता सामने आयी. मामले में संबंधित अनुज्ञप्तिधारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था. उपलब्ध अभिलेखों व तथ्यों के परीक्षण के बाद चारों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गयी.
निर्धारित दर व नियमों के अनुसार ही होगी बिक्रीजिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरक की बिक्री निर्धारित सरकारी दर व नियमों के अनुसार ही की जायेगी. जमाखोरी, कालाबाजारी, अधिक कीमत वसूली अथवा किसी किसान को असामान्य मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.
कृषि विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को पीएसओ मशीन में सही प्रविष्टि करने, निर्धारित दर पर बिक्री करने तथा स्टॉक एवं बिक्री पंजी का समुचित संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत मांगता है या बिक्री में किसी प्रकार की अनियमितता करता है, तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग के समक्ष दर्ज करायें. कृषि विभाग ने कहा कि जिले में उर्वरक की उपलब्धता व वितरण व्यवस्था की निगरानी आगे भी जारी रहेगी.
