सिमडेगा. गोवंशीय पशुओं की अवैध तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तस्करी के आर्थिक नेटवर्क यानी मनी ट्रेल का खुलासा किया है. मुफस्सिल थाना पुलिस ने इस मामले में पूर्व जन सेवा केंद्र संचालक अरविन्द केरकेट्टा, पिता अंथ्रेस केरकेट्टा, निवासी बासेन गोदाटोली, थाना केरसई को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उसके पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं. गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
बनावीरा में पकड़े गए पशु
मामला 12 सितंबर 2025 का है. गुप्त सूचना के आधार पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बनावीरा गांव में छापेमारी कर पुलिस ने दो पिकअप वाहनों से अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे गोवंशीय पशुओं को बरामद किया था. इस संबंध में मुफस्सिल थाना कांड संख्या 25/2025 दर्ज किया गया था. मामले में पूर्व में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है.
CSC संचालक का कनेक्शन आया सामने
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने बैंकिंग लेन-देन और डिजिटल भुगतान की जांच की. इंस्पेक्टर ईजी बागे ने बताया कि साक्ष्यों और मनी ट्रेल के आधार पर अरविन्द केरकेट्टा की भूमिका सामने आई. आरोपी करीब एक वर्ष पूर्व तक सीएससी संचालित करता था. इसी दौरान उसकी मुलाकात गो तस्करी से जुड़े आरोपी संजय समीर सिंधिया से हुई.
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रिश्तेदारों के खातों में जाता था पैसा
पुलिस के अनुसार, अन्य तस्करों से गोवंशीय पशुओं को सिमडेगा जिले से वाहन या पैदल पार कराने के एवज में वसूली गई रकम संजय समीर सिंधिया के कहने पर यूपीआई के माध्यम से अरविन्द केरकेट्टा के बैंक खाते में भेजी जाती थी. बाद में उसके निर्देश पर रकम उनके या उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाती थी. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और तस्करी की अन्य कड़ियों की भी गहनता से जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि संलिप्त पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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