जलपथ प्रमंडल के पदाधिकारी को लगायी फटकार
दो तक मजदूर बहाल करने का दिया लक्ष्य
सिमडेगा : समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त विजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में मनरेगा कार्य की समीक्षा बैठक हुई. अधिकारियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिले में विकास की गति में तेजी लायें. विकास कार्य में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी.
उपायुक्त ने कहा कि 26 नवंबर को कांसजोर जलाशय की पदयात्रा के दौरान जलपथ के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया था कि सैंडी से पालामाड़ नदी तक पांच किमी नहर कार्य अविलंब शुरू करें, ताकि किसानों को रबी मौसम में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सके. सिंचाई की सुविधा हो जाने से आसपास के किसानों द्वारा 5000 एकड़ में खेती की जा सकती है. जलपथ कार्यपालक अभियंता द्वारा आज तक नहर का कार्य शुरू नहीं किया गया.
यह गंभीर मामला है. पूछने पर टाल मटोल करने पर उपायुक्त ने जलपथ प्रमंडल के अधिकारी को फटकार लगायी और उच्चस्तरीय पदाधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र प्रेषित करने का निर्देश दिया. पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता को शौचालय निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया. मनरेगा के तहत उपायुक्त द्वारा दो दिसबंर तक सभी बीडीओ को मजदूर बहाल करने का लक्ष्य दिया गया है. सभी प्रखंड में कैश लेस भुगतान प्रारंभ करने का निर्देश सभी बीडीओ को दिया गया. बैठक में उप विकास आयुक्त विजय कुमार मुंजनी व सिविल सर्जन एजाज अशरफ के अलावा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
