रुद्र महायज्ञ से भक्तिमय हुआ सिमडेगा

संत महात्माओं का लगा जमावड़ा कथा का श्रवण कर रहे हैं श्रद्धालु उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़ संतों का प्रवचन जारी सिमडेगा : सिमडेगा के गांधी मैदान में आयोजित रुद्र महायज्ञ से पूरा सिमडेगा शहर भक्तिमय हो चुका है. भजन व कथा से शहर गुंजायमान है. यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 17, 2016 7:30 AM
संत महात्माओं का लगा जमावड़ा
कथा का श्रवण कर रहे हैं श्रद्धालु
उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़
संतों का प्रवचन जारी
सिमडेगा : सिमडेगा के गांधी मैदान में आयोजित रुद्र महायज्ञ से पूरा सिमडेगा शहर भक्तिमय हो चुका है. भजन व कथा से शहर गुंजायमान है. यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. प्रत्येक दिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर रहे हैं और प्रवचन सुन रहे हैं. कार्यक्रम में शामिल होने विभिन्न राज्यों के संत व महात्मा पहुंचे हैं. इनका प्रवचन व संदेश जारी है.
भजनों का कार्यक्रम भी जारी है. दूरदर्शन के कलाकार अनिल पाठक व साथियों द्वारा प्रस्तुत भजन पर लोग झूमने को विवश हैं. कार्यक्रम के चौथे दिन बुधवार को प्रात:काल से ही यज्ञ मंडप में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. हवन व रुद्राभिषेक आदि अनुष्ठान भी हुए. रात्रि में जगत गुरु शंकाराचार्य पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम के बताये मार्ग पर चलने की आवश्यकता है. प्रभु राम ने जिन मर्यादाओं का पालन किया, उससे हमें सीख लेने की जरूरत है. उनके आचरण का अनुश्रवण करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मनुष्य रामचरित्र मानस तो पढ़ते हैं, किंतु उस पर अमल नहीं करते हैं. रामचरित मानस में लिखे संदेश को अपने जीवन में उतारें. चित्रकुट से आये मंडलेश्वर स्वामी वीरत दास ने अपने प्रवचन में कहा कि बड़े ही सौभाग्य से मनुष्य जीवन प्राप्त होता है, किंतु इसका उपयोग सही तरीके से नहीं किया जा रहा है. मानव जीवन को व्यर्थ नहीं जाने दें.
भगवान नारायण की भक्ति करते हुए अपने जीवन को आगे बढ़ायें. नारायण एक मात्र ऐसा नाम है, जिसका नाम जपने से सभी पापों का नाश होता है और मनुष्य को स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है. भगवान नारायण की कृपा से ही रुद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है. इस मौके स्वामी गोपालाचार्य, स्वामी सर्वेश्वराचार्य, कृष्णकांत शास्त्री, रामरेखा धाम के महंत उमाकांत जी महाराज, स्वामी अर्जुनानंद भारती व मौनी बाबा के अलावा काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे.