West Bengal Election 2026, पश्चिम बंगाल, (शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट): पश्चिम बंगाल में चल विधानसभा चुनावों (23 और 29 अप्रैल 2026) को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है, जहां झारखंड भाजपा के दिग्गज नेता भी पूरी तत्परता के साथ सक्रिय नजर आ रहे हैं. विशेष रूप से झारखंड से सटे बंगाल के सीमावर्ती जिलों में चुनावी बिसात बिछाने के लिए बैठकों का दौर तेज हो गया है. इसी कड़ी में, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अर्जुन मुंडा ने झारग्राम में आयोजित एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में शिरकत की. इस उच्चस्तरीय बैठक में उनके साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी सहित कई कद्दावर नेता और सांगठनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे.
बूथ स्तर पर ‘अभेद्य दुर्ग’ बनाने की रणनीति
बैठक के दौरान झारग्राम और आसपास के विधानसभा क्षेत्रों के लिए व्यापक चुनावी खाका तैयार किया गया. नेताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बंगाल की सत्ता की राह ‘बूथ’ से होकर गुजरती है, इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता की सक्रिय भागीदारी और बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती ही विजय की असली कुंजी होगी. अर्जुन मुंडा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकजुटता, अनुशासन और समर्पण है. उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए आह्वान किया कि यदि वे संगठित होकर चुनाव लड़ें, तो बंगाल में परिवर्तन सुनिश्चित है.
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केंद्र की योजनाओं का ‘घर-घर’ प्रचार करने का निर्देश
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का गुरुमंत्र दिया. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जनता के साथ निरंतर संवाद और उनकी समस्याओं का समाधान करना ही पार्टी की प्राथमिकता होनी चाहिए. नेताओं ने विश्वास जताया कि जिस प्रकार से सीमावर्ती क्षेत्रों में संगठन का विस्तार हो रहा है, उसे देखते हुए भाजपा को इस बार जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिलेगा.
सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष नजर
झारग्राम, पुरुलिया और मिदनापुर जैसे क्षेत्र झारखंड की भौगोलिक और सांस्कृतिक सीमा से सटे हुए हैं, जहां अर्जुन मुंडा और दिनेशानंद गोस्वामी जैसे नेताओं का व्यक्तिगत प्रभाव काफी अधिक है. यही कारण है कि भाजपा आलाकमान ने इन क्षेत्रों की जिम्मेदारी झारखंड के अनुभवी नेताओं को सौंपी है. बैठक के बाद कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है, जो बंगाल के चुनावी रण में एक निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार दिख रहे हैं.
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