तेज आंधी-पानी से खरसावां के बड़ा बांबो स्टेशन पर भारी नुकसान, उखड़ा पेड़ और उड़ीं छतें

Kharsawan News: सरायकेला-खरसावां के बड़ा बांबो क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश से रेलवे स्टेशन, घरों और दुकानों को भारी नुकसान हुआ. कई छतें उड़ गईं, पेड़ और बिजली पोल गिर गए. स्टेशन परिसर में स्नैक्स स्टॉल क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

सरायकेला से शचिंद्र दाश और अजय महतो की रिपोर्ट

Kharsawan News: सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड अंतर्गत बड़ा बांबो क्षेत्र में सोमवार शाम आए तेज आंधी-पानी ने भारी तबाही मचाई. अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के कारण रेलवे स्टेशन, दुकानें और कई घर प्रभावित हुए. कई जगहों पर टिन और अल्बेस्टर शीट उड़ गईं, जबकि पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था ठप होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. स्थानीय लोगों के अनुसार सोमवार शाम करीब साढ़े तीन बजे तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई. देखते ही देखते आंधी ने विकराल रूप ले लिया और बड़ा बांबो रेलवे स्टेशन परिसर सहित आसपास के इलाकों में नुकसान पहुंचाया.

रेलवे स्टेशन परिसर में गिरा पुराना करंज का पेड़

जानकारी के अनुसार चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले बड़ा बांबो रेलवे स्टेशन परिसर में एक पुराना करंज का पेड़ तेज आंधी के कारण उखड़कर गिर गया. उस समय स्टेशन परिसर में मौजूद एक व्यक्ति इसकी चपेट में आने से हल्का घायल हो गया. स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों और रेलवे कर्मियों की मदद से घायल व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया. हालांकि उसे गंभीर चोट नहीं आई.

प्लेटफॉर्म पर बना स्नैक्स और टी स्टॉल जमींदोज

तेज हवा का सबसे अधिक असर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर देखने को मिला. प्लेटफॉर्म पर बना स्नैक्स और टी स्टॉल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. तेज आंधी के कारण स्टॉल पलट गया और उसका ढांचा टूटकर बिखर गया. स्टॉल में रखे सामान भी बर्बाद हो गए. दुकानदारों ने बताया कि उन्हें हजारों रुपये का नुकसान हुआ है. प्लेटफॉर्म पर लगे चार-पांच पंखे भी खराब हो गए, जबकि दो से तीन एस्टबेस्टस शीट उखड़कर दूर जा गिरे. घटना के बाद स्टेशन परिसर में कुछ देर तक लोगों के बीच दहशत का माहौल बना रहा.

कई घरों और दुकानों की छतें उड़ीं

आंधी और बारिश का असर बड़ा बांबो और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला. तेज हवा के कारण कई घरों और दुकानों की एस्बेस्टस शीट उड़ गईं. कई मकानों के छप्पर टूटकर नीचे गिर पड़े. स्थानीय लोगों के अनुसार लक्ष्मीकांत प्रमाणिक, राहुल महतो, हरिचरण महतो, पंकज प्रधान, श्रीकांत नायक, फंटुस नायक और राहुल केशरी की दुकानों को काफी नुकसान पहुंचा है. दुकानों की छतें उड़ने से अंदर रखा सामान भी भीगकर खराब हो गया. कई परिवारों ने बताया कि अचानक आई तेज आंधी और बारिश के कारण उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला. घरों में रखे घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा है.

प्रशासन से मदद की मांग

प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों और दुकानदारों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और राहत की मांग की है. लोगों का कहना है कि तेज आंधी ने गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. ग्रामीणों ने बताया कि कई घरों की छतें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे लोगों को रात गुजारने में परेशानी हो रही है. प्रभावित लोगों ने जल्द सर्वे कर मुआवजा देने की मांग उठाई है.

कई गांवों में बिजली व्यवस्था ठप

तेज हवा और बारिश के कारण बड़ा बांबो क्षेत्र के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई. कई जगहों पर पेड़ और टहनियां बिजली तारों पर गिर गईं, जिससे तार टूट गए. दो-तीन स्थानों पर बिजली के पोल गिरने की भी सूचना है. इसके कारण बड़ा बांबो और आसपास के कई गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई. बिजली विभाग के कर्मी क्षतिग्रस्त तारों और पोलों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं. विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि मंगलवार तक बिजली आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है.

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मौसम बदलने से बढ़ी लोगों की चिंता

अचानक आई बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. क्षेत्र के किसानों और दुकानदारों का कहना है कि मौसम का यह बदला हुआ मिजाज नुकसानदायक साबित हो रहा है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर राहत और सहायता कार्य जल्द शुरू किए जाएं ताकि लोगों को राहत मिल सके.

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लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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