सरायकेला : पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी के निर्देश पर जिले भर में चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान के तहत सीनी ओपी पुलिस ने वार्षिणी प्लस टू उच्च विद्यालय में साइबर अपराध, मानव तस्करी एवं नशा के खिलाफ विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया. इसका नेतृत्व सीनी ओपी प्रभारी विनय कुमार सिंह ने किया.
अपनी निजी जानकारी साझा करना हो सकता है खतरनाक
इस अवसर पर ओपी प्रभारी ने विद्यार्थियों को कहा - वर्तमान में तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ साइबर अपराध के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को बताया - अनजान नंबरों से आने वाले कॉल, लिंक पर क्लिक करना, सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना और अपनी निजी जानकारी जैसे बैंक खाता, ओटीपी, पासवर्ड किसी के साथ साझा करना खतरनाक हो सकता है. उन्होंने कहा - साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है. यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या नजदीकी थाना में शिकायत दर्ज कराएं.
बच्चों को मानव तस्करों से बचकर रहने की अपील की
वहीं, मानव तस्करी के विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा - मानव तस्कर अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले युवक-युवतियों को अच्छी नौकरी, बेहतर शिक्षा और ज्यादा पैसे का लालच देकर बहला-फुसलाकर बाहर ले जाते हैं. उनका शोषण करते हैं. उन्होंने छात्राओं को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी. कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आएं और अपने परिजनों की अनुमति के बिना कहीं न जाएं. अगर आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें.
नशा के दुष्परिणामों पर डाला प्रकाश
नशा के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए ओपी प्रभारी ने कहा - नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी खोखला कर देता है. आज युवा पीढ़ी नशे की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है, जो चिंता का विषय है. उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे खुद भी नशे से दूर रहें और अपने परिवार, दोस्तों और समाज के लोगों को भी नशा से दूर रहने के लिए प्रेरित करें. उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है.
बच्चों को पुलिस से संपर्क करने की दी जानारी
इस दौरान पुलिस द्वारा छात्रों को कई हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी. उन्हें निर्भीक होकर पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया गया. विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम से छात्रों में कानून के प्रति समझ बढ़ती है और वे अपराध से बचने के लिए सचेत होते हैं. कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने साइबर अपराध, मानव तस्करी और नशा के खिलाफ जागरूकता फैलाने और स्वयं भी इससे दूर रहने का संकल्प लिया.इस जागरूकता अभियान में विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
