सरायकेला: सरायकेला नगर क्षेत्र में विगत तीन माह में चार बार डब्लूटीपी मोटर जल गया है जिससे लगातार शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है.गुरुवार को भी डब्लूटीपी पंप जल गया जिससे गुरुवार शाम से लेकर शुक्रवार को भी पाइप लाइन से जलापूर्ति नही हुई है. पानी की आपूर्ति नही होने से शहरी क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मच गया है.स्थानीय लोगो ने लगातार मोटर जलने व पानी की आपूर्ति बाधित होने पर नाराजगी जताई है और अविलंब मोटर बदलने की मांग किया है.
अध्यक्ष ने जताई चिंता, विभाग के सचिव को लिखा पत्र
शहर में मोटर जलने और लगातार बाधित हो रही पेयजल आपूर्ति को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने भी गंभीर चिंता जतायी है. जलापूर्ति संयंत्र में बार-बार मोटर जलने और स्थायी समाधान में हो रही देरी को लेकर उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड के सचिव को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है.
पत्र में अध्यक्ष ने कहा है कि पिछले चार महीनों में डब्लूटीपी की मोटर तीन बार जल चुकी है,इसके कारण नगरवासियों को बार-बार पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि तकनीकी सर्वे के आधार पर पहले ही 90 एचपी की मोटर लगाने की अनुशंसा की जा चुकी है, तो अब तक इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं की गयी.
निर्देश के बावजूद नही हो रहा है काम
अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोटर की सुरक्षा के लिए रिले, ट्रिपिंग सिस्टम सहित अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश कई बार दिये गये, लेकिन इनका समुचित अनुपालन नहीं हुआ, इससे डब्लूटीपी के संचालन एवं रखरखाव की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
डेडिकेटेड विद्युत लाइन कराने का किया मांग
अध्यक्ष चौधरी ने जुस्को से विद्युत कनेक्शन अथवा झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड से डेडिकेटेड विद्युत लाइन उपलब्ध कराने की लंबित प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने की मांग की है. उनका कहना है कि निर्बाध बिजली आपूर्ति के बिना जलापूर्ति व्यवस्था का स्थायी समाधान संभव नहीं है.
मोटर बार बार जलने के कारणों की जांच का किया मांग
उन्होंने विभाग के सचिव से मोटर बार-बार जलने के वास्तविक कारणों की तकनीकी जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा 90 एचपी मोटर एवं सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण शीघ्र स्थापित कराने का आग्रह किया है.
अध्यक्ष ने विभागीय कार्यो व संवेदक की भूमिका की जांच करने का किया मांग
अध्यक्ष ने विभागीय कार्यों, संवेदक की भूमिका अथवा वित्तीय एवं तकनीकी प्रक्रियाओं में अनियमितता की आशंका होने पर निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है. उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारी, कर्मचारी या संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए.
