शचिंद्र कुमार दाश
Saraikela: सरायकेला के महिला महाविद्यालय में युवा महोत्सव 2026 के तहत सोमवार को पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. कॉलेज की छात्राओं ने मिट्टी से बने घडों में रंग-बिरंगी आकर्षक पेंटिंग कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया. इस दौरान कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ स्पार्कलीन देई ने पॉट पेंटिंग की पारंपरिक शैली और घड़ा पेंटिंग कला के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि यह कला एक परंपरा के रूप में काफी पहले से चली आ रही एक विरासत है, जो आज आधुनिक स्वरूप में भी जीवित है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी आंतरिक क्षमताओं और रचनात्मकता को पहचानने की जरूरत है.
परंपराओं को जीवित रखना जरूरी
प्रिंसिपल कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्रों की प्रतिभा को मंच देती हैं. उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजन आधुनिक युग में युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ने का काम करते हैं. डॉ देई ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन छात्राओं में रचनात्मकता और भारतीयता की भावना को प्रोत्साहित करते हैं. प्रिंसिपल ने आगे कहा कि युवाओं में अपने विचारों, विश्वासों और ज्ञान के माध्यम से समाज के निर्माण और हमारी परंपराओं एवं सामाजिक मूल्यों को संरक्षित करने की भावना के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है.
4 फरवरी को होगा युवा महोत्सव का समापन
पिछले 10 जनवरी से सरायकेला के महिला कॉलेज में युवा महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है. युवा महोत्सव का समापन चार फरवरी को किया जाएगा. 20 जनवरी को युवा महोत्सव के दौरान ही भाषण और गायन प्रतियोगिता और तीन फरवरी को रंगोली बनाओ प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी. चार फरवरी को नृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ रैंप वॉक किया जाएगा और इसी के साथ युवा महोत्सव का समापन हो जाएगा.
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