सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Saraikela Crime News, सरायकेला: चक्रधरपुर रेल मंडल के राजखरसावां और महालीमरूप रेलवे स्टेशन के पास एक कलयुगी मां द्वारा अपने दुधमुंही बच्ची को फेंकने मामले में शुक्रवार को मामले की जांच की. गुरुवार को खरसावां थाना क्षेत्र के शिमला गांव के पास अप रेलवे लाइन के पोल संख्या 287/4 और 287/2 के बीच से बच्ची का शव बरामद किया गया था. इस हृदय विदारक घटना को लेकर स्टेशन मास्टर राकेश पांडेय के बयान के आधार पर महिला के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
स्टेशन मास्टर के बयान पर केस दर्ज
घटना के संबंध में राजखरसावां रेलवे स्टेशन मास्टर राकेश पांडेय ने खरसावां थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. प्राथमिकी में आरोपी महिला का वर्तमान पता तेलंगाना राज्य के केवी रंगारेड्डी जिले का राजेंद्र नगर दर्शाया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार और केस के आईओ प्रकाश कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से मुआयना किया. पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि आखिर एक मां ने अपनी ही कोख से जन्मी बच्ची के खिलाफ ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया.
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सदर अस्पताल में चल रहा है बेसूध मां का इलाज
इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही आरोपी महिला मुद्रावती की तबीयत अचानक बेहद बिगड़ गई है, जिसके कारण उसे सरायकेला के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है, जहां वह बार-बार होश खो रही है और बेसूध हो जा रही है. अस्पताल में उसके साथ उसका पति शहाबुद्दीन भी मौजूद है. इससे पहले घटना की रात ही आरपीएफ की चाईबासा कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर चाईबासा रेलवे स्टेशन में आरपीएफ की टीम ने आरोपी महिला और उसके 51 वर्षीय पति शहाबुद्दीन को हिरासत में ले लिया था और उनसे लंबी पूछताछ की थी.
मझगांव थाने के पुराने केस में बयान दर्ज कराने आ रहा था दंपत्ती
पुलिस जांच और पारिवारिक पृष्ठभूमि से इस घटना के पीछे एक पुराना कानूनी विवाद सामने आया है. जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला मुद्रावती का मायका पश्चिम सिंहभूम जिले के मझगांव अंतर्गत अधिकारी पंचायत के अंबईमार्चा गांव में है. वहीं, उसका पति शहाबुद्दीन मूल रूप से पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के चोटकिया गांव का रहने वाला है और पेशे से राजमिस्त्री है. करीब चार साल पहले शहाबुद्दीन महिला को भगाकर ले गया था और शादी कर ली थी, जिसके बाद महिला का नाम बदलकर हसीना बेगम रख दिया गया था. दोनों तेलंगाना में रह रहे थे. साल 2022 में महिला के परिजनों ने मझगांव थाने में शहाबुद्दीन के खिलाफ लड़की भगाने का केस दर्ज कराया था. हाल ही में मझगांव पुलिस ने शहाबुद्दीन के घर पर कोर्ट का इस्तेहार चश्पा किया था, जिसके बाद यह दंपत्ती इसी पुराने मामले में अपना बयान दर्ज कराने चाईबासा लौट रहा था, तभी चलती ट्रेन में इस वीभत्स घटना को अंजाम दिया गया.
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