Saraikela Crime News, सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले से ममता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. चक्रधरपुर रेल मंडल के राजखरसावां और महालीमरूप रेलवे स्टेशन के बीच बुधवार की देर रात खरसावां थाना पुलिस और राजखरसावां जीआरपी (GRP) ने रेलवे ट्रैक के किनारे से एक मासूम बच्ची का शव बरामद किया है. आरोप है कि हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रही एक कलयुगी मां ने अपनी ही चंद महीनों की मासूम बच्ची को चलती ट्रेन की खिड़की/दरवाजे से बाहर फेंक दिया. ऊंचाई और तेज रफ्तार ट्रेन से नीचे फेंके जाने के कारण ट्रैक के पत्थरों से टकराकर मासूम बच्ची की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.
आरोपी मां हिरासत में, पति से भी पूछताछ जारी
इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाली आरोपी महिला पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) जिले के मझगांव क्षेत्र की रहने वाली है. घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला से पूछताछ की जा रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने महिला के पति को भी हिरासत में लिया है और चक्रधरपुर या चाईबासा जीआरपी थाने में दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है. हालांकि, पुलिस अधिकारियों द्वारा पति की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर एक मां ने अपने ही जिगर के टुकड़े के साथ ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया? क्या यह किसी पारिवारिक विवाद का नतीजा है या इसके पीछे कोई मानसिक बीमारी वजह रही है.
टॉर्च की रोशनी में 3 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार की देर शाम रेलवे के कंट्रोल रूम को जनशताब्दी एक्सप्रेस के यात्रियों या रेलकर्मियों के माध्यम से ट्रेन से बच्चे को नीचे फेंके जाने की इनपुट मिली थी. कंट्रोल रूम ने तुरंत इसकी सूचना खरसावां थाना पुलिस और जीआरपी राजखरसावां को दी. सूचना मिलते ही खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल और जीआरपी के जवान राजखरसावां और महालीमरूप स्टेशन के बीच घने अंधेरे में पटरी पर उतरे. पुलिसकर्मियों ने हाथ में टॉर्च लेकर रेलवे ट्रैक के चप्पे-चप्पे पर सर्च अभियान चलाया. करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत और खोजबीन के बाद देर रात सिमला गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे मासूम की लाश बरामद हुई.
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2 से 3 महीने की थी मासूम
रेलवे ट्रैक पर मिले शव को देखने से प्रतीत होता है कि मृत बच्ची की उम्र महज दो से तीन महीने के बीच रही होगी. खरसावां पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया. दिल दहला देने वाली बात यह भी रही कि इस मासूम का पोस्टमार्टम कराने के लिए अस्पताल में मृतका के परिवार या ननिहाल पक्ष से कोई भी सदस्य नहीं पहुंचा. पुलिस ने अपनी देखरेख में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को पहचान और दावेदारों के इंतजार में सरायकेला पोस्टमार्टम हाउस (मर्च्युरी) के सुरक्षित फ्रीजर में रखवा दिया है.
पूरे इलाके में सनसनी, जांच में जुटी जीआरपी
इस क्रूर घटना की खबर जैसे ही सिमला गांव और आस-पास के इलाकों में फैली, पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और लोग मां की इस हैवानियत पर थू-थू कर रहे हैं. खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि शव को बरामद कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. चूंकि मामला चलती ट्रेन और रेलवे क्षेत्र से जुड़ा है, इसलिए जीआरपी राजखरसावां द्वारा मामले में जीरो एफआईआर (Zero FIR) या केस ट्रांसफर की अग्रतर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा.
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