हिमांशु गोप की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan News : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत कुकड़ू अंचल कार्यालय में भूमिज-मुंडा समाज के प्रतिनिधियों ने पेसा नियमावली के तहत पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने एवं आदिवासी अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग को लेकर अंचल प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. इस दौरान समाज की ओर से पारंपरिक हातु, सरदार, मुड़ा, डाकूवा और नाया की सूची भी अंचलाधिकारी को उपलब्ध कराई गई.
पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े लोगों को मिले जिम्मेदारी
समाज के प्रतिनिधियों ने कुकड़ू अंचलाधिकारी अभय कुमार द्विवेदी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि पेसा नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े योग्य व्यक्तियों को ही ग्राम स्तर पर अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए. उन्होंने गांवों में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पर्याप्त मैन पावर उपलब्ध कराने तथा गैर-आदिवासी हस्तक्षेप समाप्त करने की मांग उठाई.
आदिवासी अधिकारों की अनदेखी पर जताई नाराजगी
झारखंड ट्रायबल भूमिज मुंडा यूथ ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष रविंद्र सरदार ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों और परंपराओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे समाज में असंतोष बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि पेसा कानून का सही तरीके से पालन होने पर गांवों में पारंपरिक व्यवस्था और आदिवासी अधिकार दोनों मजबूत होंगे.
पारंपरिक ग्राम प्रधानों का डेटा अपडेट करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से पारंपरिक ग्राम प्रधानों का अद्यतन डेटा उपलब्ध कराने की भी मांग की. समाज के लोगों ने कहा कि सरकार और प्रशासन यदि पेसा नियमावली को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करे तो आदिवासी समाज को उनके पारंपरिक अधिकारों का संरक्षण मिल सकेगा.
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