सरायकेला-खरसावां के जंगल में विस्फोट, दूर तक सुनी गयी आवाज, धुआं-धुआं हुआ जंगल

Naxal Explosive Blast: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में एक जंगल में नक्सलियों के द्वारा छिपाकर रखे गये हथियारों को सुरक्षा बलों ने नष्ट कर दिया. इसकी वजह से जो विस्फोट हुआ उसकी गूंज दूर-दूर तक सुनी गयी. विस्फोट के बाद जंगल में धुआं का बड़ा गुबार देखा गया. गुप्त सूचना के आधार पर सरायकेला-खरसावां के साथ-साथ चाईबासा की पुलिस, जगुआर और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया और विस्फोटकों के जखीरे को नष्ट कर दिया.

Naxal Explosive Blast: सरायकेला-खरसावां जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को विस्फोटकों का जखीरा मिला, जिसके बारे में बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने इसे छिपाकर रखा था. सारे विस्फोटक मासीबेरा हिल एरिया के पास पहाड़ी में छिपा रखे गये थे. इन विस्फोटकों को जंगल में ही नष्ट कर दिया गया. विस्फोट की आवाज दूर तक सुनी गयी. जंगल क्षेत्र धुआं-धुआं हो गया.

60 किलो अमोनियम नाइट्रेट और 10 वैसलीन के पैकेट

यह इलाका कुचाई थाना क्षेत्र के दलभंगा ओपी क्षेत्र के सीमावर्तीक्षेत्र में पड़ता है. मासीबेरा हिल एरिया के पास पहाड़ी क्षेत्र से सुरक्षा बलों ने 60 किलो अमोनियम नाइट्रेट के पावडर के साथ-साथ वैसलीन पेट्रोलियम जेली के 10 पैकेट भी बमामद किये हैं.

सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए रखे थे विस्फोटक

जिला पुलिस ने बताया है कि सुरक्षा बलों के अभियान को रोकने और उन्हें नुकसान पंहुचाने के उद्देश्य से प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) ने विस्फोटक छिपा रखे थे. इसे पुलिस ने बरामद करने के बाद जंगल में ही नष्ट कर दिया.

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गुप्त सूचना पर 2 जिलों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने की कार्रवाई

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुचाई थाना क्षेत्र के दलभंगा ओपी क्षेत्र के सीमावर्ती मासीबेरा हिल एरिया के पास पहाड़ी क्षेत्र में विस्फोटक छिपाकर रखे गये हैं. जानकारी मिलते ही सरायकेला-खरसावां पुलिस, चाईबासा पुलिस, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और एसएसबी ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया.

जंगल से बरामद विस्फोटकों का जखीरा. फोटो : प्रभात खबर

मासीबेरा हिल क्षेत्र में मिले विस्फोटक

सर्च ऑपरेशन के दौरान मासीबेरा हिल क्षेत्र के पास जंगल में छिपाकर रखे गये ब्ल्यू और स्टील कंटेनर मिले. इनमें से एक कंटेनर में 20 पैकेट अमोनियम नाइट्रेट पावडर (प्रत्येक 1 किलोग्राम का) और दूसरे कंटेनर में 40 पैकेट अमोनियम नाइट्रेट पाउडर मिले. कुल 60 किलोग्राम विस्फोटकों के साथ 10 पैकेट वैसलीन पेट्रोलियम जेली (प्रत्येक 42 ग्राम) भी बरामद किया गया.

जंगल से बरामद अमोनियम नाइट्रेट और वैसलीन के डिब्बे. फोटो : प्रभात खबर

दूर तक सुनी गयी विस्फोट की आवाज

इसके बाद सुरक्षा के मद्देनज़र बम निरोधक दस्ते की मदद से सभी विस्फोटकों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया. जंगल में इन विस्फोटकों को नष्ट करने के दौरान जोरदार धमाका हुआ. इस विस्फोट की गूंज काफी दूर तक सुनाई दी. पूरा क्षेत्र धुआं-धुआं हो गया. पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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