सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Mango Festival: सरायकेला-खरसावां जिले के किसानों के लिए खुशखबरी है. मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उत्पादित आमों को बाजार उपलब्ध कराने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के उद्देश्य से 20 एवं 21 जून को आदित्यपुर फुटबॉल मैदान में दो दिवसीय आम महोत्सव (ऊलि बगईचा परब) का आयोजन किया जाएगा. महोत्सव में जिले के विभिन्न प्रखंडों से किसान अपने उत्पाद लेकर पहुंचेंगे. इस दौरान आमों की प्रदर्शनी, बिक्री, विपणन तथा किसान-खरीदार संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं.
किसानों को मिलेगा सीधा बाजार
जिला प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है. जिले के कई सुदूरवर्ती गांवों में आम का अच्छा उत्पादन हो रहा है, लेकिन बाजार और खरीदारों तक पहुंच नहीं होने के कारण किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता. कई बार आम समय पर नहीं बिकने से खराब भी हो जाते हैं. आम महोत्सव के माध्यम से किसानों को सीधे उपभोक्ताओं, व्यापारियों और खरीदारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि की उम्मीद है.
बेहतर आम और उत्पादकों को मिलेगा सम्मान
महोत्सव में उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले आम और उनके उत्पादक किसानों को पुरस्कृत भी किया जाएगा. इसके लिए चार सदस्यीय चयन समिति का गठन किया गया है. समिति में जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी तथा जिला कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वरीय वैज्ञानिक शामिल हैं. समिति गुणवत्ता, स्वाद और उत्पादन के आधार पर श्रेष्ठ आम एवं उत्पादकों का चयन करेगी.
जिले के रसायन-मुक्त आमों की बढ़ रही मांग
सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां, राजनगर, सरायकेला और चांडिल प्रखंडों में आम्रपाली, मालदा, लंगड़ा, हिमसागर, दशहरी, चौसा, मलिका, गुलाबखास तथा बीजू आम सहित कई उन्नत किस्मों की खेती की जा रही है. जिले में उत्पादित रसायन-मुक्त आम अपनी गुणवत्ता, स्वाद और प्राकृतिक उत्पादन पद्धति के कारण बाजार में अलग पहचान बना रहे हैं. स्थानीय स्तर के साथ-साथ बाहरी बाजारों में भी इन आमों की मांग लगातार बढ़ रही है.
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600 मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान
बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जिले में लगभग 650 एकड़ क्षेत्र में आम के बाग विकसित किए गए हैं. तीन से चार वर्ष पूर्व लगाए गए पौधों में इस वर्ष भरपूर फलन हुआ है. इस सीजन में करीब 600 मीट्रिक टन आम उत्पादन का अनुमान है. बेहतर उत्पादन से किसानों में उत्साह का माहौल है. आम महोत्सव को किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
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