खरसावां: राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूली छात्र-छात्राओं की नेत्र जांच को प्रभावी बनाने के लिए गुरुवार को खरसावां प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में शिक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. इसमें प्रखंड के विभिन्न प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) संजय कुमार जोशी ने किया.
समय पर पहचान से बचाई जा सकती है दृष्टि संबंधी समस्या
बीईईओ संजय कुमार जोशी ने कहा कि बच्चों में दृष्टिदोष की समय पर पहचान और उपचार बेहद जरूरी है. यदि आंखों की समस्या का समय रहते पता चल जाए तो इसका बच्चों की पढ़ाई और उनके समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को विद्यालय स्तर पर प्रारंभिक नेत्र जांच के लिए प्रशिक्षित करना है, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंचाया जा सके.
नेत्र जांच की प्रक्रिया की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान नेत्र सहायक सीताराम महतो, रिसोर्स शिक्षक दयाल लेट और सुमित्रा महतो ने शिक्षकों को नेत्र जांच की प्रक्रिया, दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान, संदिग्ध बच्चों को रेफर करने की प्रक्रिया तथा जांच के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी. साथ ही निर्धारित प्रपत्रों के सही संधारण और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया भी समझाई गई.
जरूरतमंद बच्चों का होगा रिफ्रैक्शन टेस्ट
प्रशिक्षकों ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में सभी छात्र-छात्राओं की प्रारंभिक नेत्र जांच करेंगे. जिन बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्या मिलेगी, उन्हें निर्धारित तिथि पर रिफ्रैक्शन टेस्ट के लिए भेजा जाएगा. वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत जांच के बाद आवश्यक उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा.
ये रहे मौजूद
प्रशिक्षण शिविर में बीपीओ पंकज कुमार महतो, बीआरपी राजेंद्र गोप, प्रियारंजन महतो समेत विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे.
