शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan News: खरसावां प्रखंड के रिडींग गांव स्थित सरकारी तालाब से खेतों की ओर जाने वाला सिंचाई नाला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. इससे करीब डेढ़ हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में धान की खेती प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के मौसम में तालाब भरने के बाद इसी नाले के माध्यम से रिडींग, महतो रिडींग, कुम्हार रिडींग, बाबू रिडींग, खेजुरदा, बिरुजारा, चुरकाडीह समेत आसपास के गांवों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचता है. इसी परंपरागत व्यवस्था के सहारे बड़ी संख्या में किसान मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं. लेकिन सिंचाई नाला क्षतिग्रस्त होने के कारण खेती को लेकर किसान चिंचित है.
ग्रामीणों ने की सिंचाई नाला की मेड़बंदी
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से सिंचाई नाला की मरम्मति नहीं होने के कारण यह लगातार क्षतिग्रस्त होता जा रहा है. पिछले वर्ष ग्रामीणों ने बांस बल्ली और बालू की बोरियों से अस्थायी मेड़बंदी कर किसी तरह खेतों तक पानी पहुंचाया था. लेकिन इस वर्ष स्थिति और अधिक खराब हो गई है.
फसलों पर पड़ सकता है असर
सिंचाई की सही व्यवस्था न होने से किसान चिंतित हैं. ग्रामीणों के अनुसार रिडींग और आसपास के गांवों में धान प्रमुख फसल है. यहां तालाब और इसके सिंचाई नाला के अतिरिक्त सिंचाई की कोई ओर व्यवस्था नहीं है. किसानों ने बताया कि अगर बरसात से पहले नाले की मरम्मति नहीं की गई तो इस वर्ष भी धान की खेती प्रभावित हो सकती है. साथ ही अन्य फसलों जैसे साग-सब्जी और रबी फसलों की खेती पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा.
किसानों ने की बैठक
इस मुद्दे को लेकर प्रभावित गांवों के किसानों ने बैठक कर निर्णय लिया कि जल्द ही जिला उपायुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा. ग्रामीणों ने पूर्व में भी पंचायत प्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. बैठक में विक्रम सिंहदेव, रमेश सिंहदेव, दीनानाथ सिंहदेव, मांगु कुम्हार, शंकर कुम्हार, सुजनी कुम्हार, संजय कुम्हार, चंद्र मोहन कुम्हार, मथुरा बेहरा, बल्लू बेहरा, विनाशंकर हेंब्रम, मनोहर हाईबुरु, नुरी हाईबुरु, गिनैत कुम्हार, परेश बेहरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सिंचाई नाला की मरम्मति कराने की मांग की है, जिससे कि किसानों को राहत मिल सके.
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