गर्मी शुरू होते ही खरसावां के दो दर्जन गांवों में जल उठी ढिबरी, 18 घंटे बिजली गुल

Power Cut: खरसावां और कुचाई के करीब दो दर्जन गांवों में तकनीकी खराबी और लाइन फॉल्ट से 18 घंटे तक बिजली गुल रही. लोगों को पानी, पढ़ाई और बाजार व्यवस्था में भारी परेशानी हुई. लाइन मैन की कमी से समस्या बढ़ी. ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति सुधार और कर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग की. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

खरसावां से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

Power Cut: गर्मी के दस्तक देते ही झारखंड के खरसावां प्रखंड में बिजली की आंख मिचौली शुरू हो गई है. खरसावां और कुचाई के करीब दो दर्जन गांवों में मंगलवार की रात बिजली गुल रही. बिजली गुल रहने का कारण तकनीकी खराबी और लाइन में फॉल्ट आना बताया गया. इस फॉल्ट को दूर कर बिजली की आपूर्ति शुरू करने में करीब 18 घंटे का समय लग गया. इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

लाइन में फॉल्ट आने से कट गई बिजली

मिली जानकारी के अनुसार, राजखरसावां ग्रिड में तकनीकी खराबी आने और लाइन में फॉल्ट आने के बाद मंगलवार को शाम करीब 5.15 बजे खरसावां और कुचाई के अधिकांश इलाकों में बिजली गुल हो गई. फॉल्ट को दूर करने में बिजली विभाग के कर्मचारियों के पसीने छूटने लगे. इसके बाद लाइन मैनों ने एक-एक कर फॉल्ट को दूर करना शुरू किया. खरसावां बाजार क्षेत्र में रात 12 बजे बिजली की आपूर्ति बहाल हुई. करीब सात घंटे तक लोगों को परेशानियों से जुझना पड़ा. बिजली गुल रहने के कारण जहां शाम को बाजार में अंधेरा छाया रहा. वहीं, घरों में बच्चों की पढ़ाई के साथ दूसरे काम भी प्रभावित हुए.

गालुडीह, हरिभंजा, रीडिंग क्षेत्र में 18 घंटे बाद आई बिजली

कुचाई प्रखंड के गालुडीह और खरसावां प्रखंड के हरिभंजा, रीडिंग, बिटापुर आदि पंचायत क्षेत्र में मंगलवार को पूरी रात बिजली गुल रही. करीब 18 घंटे तक बिजली गुल रहने के बाद बुधवार को दिन के 11.30 में बिजली आपूर्ति सामान्य हुई. इस दौरान करीब दो दर्जन गांवों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. बिजली के अभाव में बुधवार को पानी के लिये भी तरसना पड़ा. बिजली के उपकरण नहीं चले. इससे भी परेशानी हुई.

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लाइन मैन की कमी बनी परेशानी का सबब

बिजली के लाइन में फॉल्ट आने पर इसे दुरुस्त करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बिजली बोर्ड के खरसावां डिवीजन में लाइन मैन की काफी कमी है, जबकि बिजली वितरण का दायरा बढ़ा है. पहले के मुकाबले सीमावर्ती दुरुस्त गांवों में भी बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई है. पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पेड़ की टहनियों को बिजली के तारों से टकराने के बाद लाइन में फॉल्ट आ जाता है. इसे ठीक करने में घंटों का समय लग जाता है. स्थानीय उपभोक्ताओं ने बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए लाइन मैन की संख्या में बढ़ौतरी करने व क्षेत्र में बिजली विभाग के अभियंताओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है. ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के अभियंता क्षेत्र से अक्सर नदारद रहते है. इससे बिजली की आपूर्ति में सुधार नहीं हो पा रही है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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