सरायकेला/ राजनगर. राजनगर-चाईबासा मुख्य सड़क पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर हाइकोर्ट और राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन रेस है. डीसी नीतीश कुमार सिंह ने गुरुवार को राजनगर के चालियामा स्थित रुंगटा माइंस स्टील प्लांट सहित संभावित दुर्घटना स्थलों, ब्लैक स्पॉट और भारी वाहनों की पार्किंग व्यवस्था का जमीनी निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं और औद्योगिक गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की. अधिकारियों को दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया. अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के साथ बैठक में डीसी ने कहा कि किसी हाल में सार्वजनिक सड़कों पर भारी वाहन खड़े नहीं होने चाहिए. डीसी ने रुंगटा प्रबंधन को सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने, आपातकालीन सेवा के लिए एम्बुलेंस व फायर ब्रिगेड को एक्टिव मोड में रखने और वाहनों की गति सीमा तय करने के निर्देश दिये. उन्होंने कंपनी को दो स्थानों पर ट्रैफिक चेकपोस्ट स्थापित करने का आदेश दिया, ताकि भारी वाहनों की नियमित मॉनिटरिंग हो सके.
एनएच पर बनेगा जेब्रा क्रॉसिंग हटेगा अतिक्रमण:
डीसी ने एनएच-220 के कार्यपालक अभियंता को सड़कों पर जेब्रा क्रॉसिंग, रंबल स्ट्रिप, चेतावनी संकेतक और बड़े आकार के साइन बोर्ड लगाने का निर्देश दिया. सड़क किनारे अतिक्रमण कर बनीं दुकानों को नियमानुसार हटाने की कार्रवाई करने को कहा. उन्होंने डीटीओ को क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर ड्रंक एंड ड्राइव (शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ) विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है.
चालियामा पीएचसी का निरीक्षण, स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
डीसी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) चालियामा का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने अस्पताल के स्टोर रूम, दवाइयों की उपलब्धता, उपचार कक्ष और साफ-सफाई का जायजा लिया. डीसी ने डॉक्टरों और एएनएम की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, मरीजों को समय पर इलाज देने और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को 24 घंटे सक्रिय रखने का कड़ा निर्देश दिया. इस दौरान एसडीओ अभिनव प्रकाश, डीटीओ गिरिजा शंकर महतो, जीएम उद्योग विभाग रविशंकर प्रसाद, डीपीआरओ अविनाश कुमार, यातायात प्रभारी राजू कुमार, थाना प्रभारी विपुल ओझा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे.
