सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan News: सरायकेला छऊ मुखौटा निर्माण गुरु सुशांत महापात्र को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से नवाजा जाएगा. भारत सरकार के संगीत नाटक अकादमी द्वारा इसकी घोषणा की गई है. संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिलने पर छऊ कलाकारों में हर्ष की लहर दौड़ गई है. अवार्ड की घोषणा होने के साथ ही कलाकारों ने उन्हें बधाई दिया है साथ ही छऊ के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि करार दिया है.
विरासत से मिली कला को आगे बढ़ा रहे है सुशांत
सुशांत महापात्र को छऊ मुखौटा निर्माण करने की कला विरासत में मिली थी. गुरु सुशांत महापात्र ने मात्र आठ वर्ष की उम्र में अपने बड़े पिताजी से मुखौटा निर्माण की कला को सीखना शुरू कर दिया था. वे पारंपरिक तकनीकों को संरक्षित रखते हुए इस कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं.
मुखोटा से सरायकेला शैली छऊ को मिली अलग पहचान
महापात्र परिवार पीढ़ियों से छऊ मुखौटा निर्माण कला से जुड़ा हुआ है. वर्ष 1925 में प्रसन्न कुमार महापात्र ने सरायकेला शैली छऊ के लिए पहला आधुनिक मुखौटा तैयार किया था, जिसने इस नृत्य शैली को एक विशिष्ट पहचान दी. सुशांत द्वारा बनाए गए छऊ मुखौटों की प्रदर्शनी भारत के अनेक शहरों के साथ-साथ अमेरिका, जर्मनी (बर्लिन) और ऑस्ट्रिया (वियना) में भी लग चुकी है. वर्ष 2022 में उन्हें ओडिशा के पुरी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नृत्य महोत्सव “अप्सरा-2022” में ‘गुरु ब्रह्मा अवार्ड’ से सम्मानित किया गया. इसके अलावा भी उन्हें कई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है.
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