हिमांशु गोप की रिपोर्ट
Chandil Disaster Management Meeting : मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को सरायकेला -खरसावां जिला अंतर्गत चांडिल अनुमंडल कार्यालय सभागार में अनुमंडल पदाधिकारी नितिन शिवम गुप्ता की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में चांडिल डैम की सुरक्षा, जलस्तर नियंत्रण और डूब क्षेत्र के गांवों को सुरक्षित रखने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, लेकिन कई जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही. बैठक में ईचागढ़ विधायक सबिता महतो, जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो और एसडीपीओ शिव प्रकाश कुमार मौजूद रहे. इस दौरान चांडिल डैम में बरसात के समय उत्पन्न होने वाली संभावित आपदा और उससे बचाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई.
चांडिल डैम का जलस्तर नियंत्रित रखने के निर्देश
एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता ने निर्देश दिया कि चांडिल डैम का जलस्तर पूरी तरह नियंत्रित रखा जाए, ताकि किसी भी विस्थापित गांव में पानी प्रवेश न कर सके. उन्होंने सुवर्णरेखा विभाग एवं डैम प्रबंधन समिति को आपात स्थिति के लिए नाव तैयार रखने तथा रेडियल गेटों की तत्काल जांच कराने का निर्देश दिया, जिससे जरूरत पड़ने पर समय रहते पानी की निकासी की जा सके.
चांडिल डैम में वर्षों से जमी गाद का मुद्दा भी उठा
आपदा की बैठक में जनप्रतिनिधियों और सदस्यों ने बताया कि डैम निर्माण के बाद से अब तक गाद की सफाई नहीं हुई है, जिससे जलधारण क्षमता प्रभावित हो रही है. गाद हटाने की मांग पर भी चर्चा हुई. साथ ही एसडीओ नितिन शिवम गुप्ता ने चांडिल, ईचागढ़ और कुकड़ू प्रखंड के प्रशासनिक अधिकारियों और स्वर्णरेखा विभाग को डैम के डूब क्षेत्र में कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया, जिससे आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
बैठक में नहीं पहुंचे जिम्मेदार पदाधिकारी
हालांकि इतनी महत्वपूर्ण बैठक में जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, ईचागढ़ और कुकड़ू प्रखंड के बीडीओ-सीओ, चांडिल के कुछ अधिकारी, ईचागढ़ व तिरुलडीह थाना प्रभारी और वन विभाग के अधिकारी अनुपस्थित रहे. मानसून से पहले आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक में जिम्मेदार अधिकारियों की गैरहाजिरी को लेकर सवाल उठते रहे और यह बैठक का प्रमुख चर्चा विषय बन गया.
डैम का जल स्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है ईचागढ़ व कुकड़ू
चांडिल डैम का जल स्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा प्रभावित ईचागढ़ और कुकड़ू के दर्जनों गांव होता हैं. दर्जनों गांव के ग्रामीणों बढ़ते जलस्तर से काफी परेशानी होती हैं. कई गांव में डैम का पानी घुस जाता हैं. इस अवसर पर नीमडीह के बीडीओ कुमार एस अभिनव, सीओ अभय द्विवेदी, थाना प्रभारी दिलशन बिरुआ, कपाली ओपी प्रभारी अविनाश कुमार, चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार, समाजसेवी हिकीम चंद्र महतो, मनमन सिंह, नारायण गोप, श्यामल मार्डी, सरदीप नायक, गाजू मांझी आदि उपस्थित थे.
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